लोगो को लूटने की नई-नई योजनाएं बना रही है ट्रिपल इंजन सरकार : सुमित शर्मा
अपने शहर में ही यात्रा करने पर देना पड़ रहा है भारी टोल
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : चुनाव से पहले लोगो को तरह-तरह के झूठे सपने दिखने वाली भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के बाद जनता की जेब से पैसे निकालने के नये-नये तरीके आजमा रही है | यह कहना है दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के डेलिगेट लक्ष्मी नगर विधानसभा से चुनाव लड़े सुमुत शर्मा का | सुमित शर्मा कहते हैं भाजपा नें विधनासभा चुनाव के दौरान जो वादे किये थे उनमे से कोई भी वादा पूरा नहीं किया और जनता पर ट्रिपल इंजन सरकार अनाप शनाप बोझ डाल रही है |
सुमित शर्मा कहते हैं दिल्ली वासियों के लिए सफर अब महंगा हो गया है। सरकार नें जहां मेट्रो के किराये बढ़ा दिए हैं वहीं राजधानी में अब ऐसा टोल प्लाजा तैयार हुआ है, जहां अपने ही शहर के अंदर यात्रा करने पर भी टोल टैक्स देना होगा। दरअसल, नॉर्थ और आउटर दिल्ली से द्वारका, एयरपोर्ट और गुरुग्राम की ओर कनेक्टिविटी तो आसान हो गई है, लेकिन इस रास्ते पर टोल लगने से लोगों की जेब पर असर पड़ने लगा है।
दिल्ली के बक्करवाला गांव के पास मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा बनाया गया है। यह राजधानी का पहला ऐसा टोल है जहां शहर के अंदर ही सफर करने वालों से टैक्स वसूला जा रहा है। जो लोग मुंडका, नजफगढ़, बक्करवाला, द्वारका या आईजीआई एयरपोर्ट की ओर जा रहे हैं, या दिल्ली के भीतर से ही गुरुग्राम की तरफ निकलते हैं, उन्हें इस टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ता है और टोल देना अनिवार्य है।
सुमित शर्मा कहते हैं मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर वाहनों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग टोल दरें निर्धारित की गई हैं। कार, जीप, वैन जैसी लाइट मोटर व्हीकल्स के लिए एक तरफ का सफर 235 रूपये में तय होगा, जबकि एक ही दिन में आने-जाने पर 350 रूपये का टोल देना होगा। ऐसे वाहनों के लिए मासिक पास की कीमत 7765 रूपये रखी गई है। वहीं, लाइट कमर्शियल व्हीकल्स और मिनी बसों के लिए एक तरफ का टोल 375 रूपये और दिनभर में आने-जाने का शुल्क 565रूपये तय किया गया है, जबकि मंथली पास 12545 रूपये में मिलेगा। सुमित शर्मा कहते हैं ट्रिपल इंजन सरकार द्वारा लूटने का नया फार्मूला है कि 34.153 कि0मी0 लम्बे यू.ई.आर.-2 द्वारका पर 119.260 कि0मी0 के हिसाब से टोल वसूला जा रहा है।
यह मार्ग चौड़ा होने की वजह से इसकी लम्बाई 119 कि0मी0 मेजरमेंट करके इस पर अधिक टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की वाहनों का पंजीकरण और स्थानीय निवासी के प्रमाण के आधार पर इन किसानों को यूईआर पर निशुल्क आवाजाही की इजाजत दी जानी चाहिए और 350 टोल को कम करके 150 किया जाए।



