Home देश दुनिया Badrinath Dham opening 2026:बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, वैदिक...

Badrinath Dham opening 2026:बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य धार्मिक अनुष्ठान के बीच शुभारंभ

0
27

Badrinath Dham opening 2026:बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य धार्मिक अनुष्ठान के बीच शुभारंभ

चमोली, उत्तराखंड | 23 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में आज एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था का सैलाब देखने को मिला जब बदरीविशाल मंदिर के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन मुहूर्त में प्रातः 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और परंपरागत धार्मिक विधियों के बीच मंदिर के कपाट खोले गए, जिससे पूरा बदरीनाथ धाम “जय बदरी विशाल” के उद्घोष से गूंज उठा।

कपाट खुलने से पूर्व मंदिर परिसर में द्वार पूजा, पंचांग पूजन और विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस अवसर पर धार्मिक परंपराओं का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया गया और नर पूजा की जिम्मेदारी परंपरा अनुसार रावल जी द्वारा निभाई गई। पूरे अनुष्ठान के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से भर गया।

इस पावन अवसर पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के बीच द्वार पूजा सम्पन्न हुई। यह लगातार चौथा वर्ष है जब वे बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित रहे हैं।

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे और उन्होंने इस आयोजन को राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह उत्तराखंड की पहचान और सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।

शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी ने अपने संबोधन में कहा कि कपाट खुलने के बाद अगले छह महीनों तक सभी सनातन धर्मावलंबियों को भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह समय आध्यात्मिक साधना, भक्ति और आत्मिक शांति का विशेष अवसर होता है, जब देश-विदेश से श्रद्धालु हिमालय की गोद में स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इस धार्मिक अवसर पर देशभर से आए संत समाज और गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही। इनमें स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर, स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरिः सहित कई संत शामिल रहे।

साथ ही मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी, विजय कपरवाण, डा. बृजेश सती, अशोक टोडरिया, आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी, अनिल भारद्वाज, किरण जानी, देवानन्द शुक्ल, देवेन्द्र पाण्डेय, सुरेश जानी सहित अनेक श्रद्धालु और अधिकारी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन प्रारंभ कर दिए और पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन प्राप्त हो सके।

इस प्रकार बदरीनाथ धाम में एक बार फिर छह माह चलने वाली तीर्थ यात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत हो गई है, जो देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र बनी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here