दिल्ली को कूड़े से आज़ादी के अभियान का नहीं दिख रहा कोई असर : विपिन शर्मा
तारीख बढ़ाने के बाद भी दिल्ली बनी हुई है कूड़े की ढेर
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली , राजधानी दिल्ली को कूड़े से आज़ादी दिलाने के नाम पर ट्रिपल इंजन की सरकार द्वारा शुरू किया गया अभियान भी भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ गया | आज आलम यह है कि दिल्ली के किसी भी हिस्से में यह अभियान बे-असर ही दिख रहा है | यह कहना है रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का | विपिन शर्मा कहते है साऊथ दिल्ली हो या पश्चमी दिल्ली,सदर बाज़ार हो या चांदनी चौक ,जहांगीर पुरी हो या बाहरी दिल्ली के ग्रामीण ईलाके सभी जगह गंदगी की भरमार है | और जहां तक यमुनापार का सवाल है यहाँ का तो और भी ज्यादा बुरा हाल है |
विपिन शर्मा कहते हैं पहले यह अभियान 31 अगस्त तक चलना था लेकिन अभियान की विफलता को देखते हुए इसे 2 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया बावजूद इसके अभी तक भी इसका असर देखने को नहीं मिल रहा | विपिन शर्मा कहते हैं अनेक कालोनियों में तो अभी तक बरसात के पानी की निकासी का ही कोई इंतजाम दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के विभाग नहीं कर पाए जिसके चलते कालोनियों में मच्छरों का प्रकोप है और बड़ी संख्या में लोग मलेरिया तथा डेंगू की चपेट में भी आ रहे है कुछ मामले चिकनगुनिया के भी आ रहे है ट्रिपल इंजन की सरकार जल निकासी का मसला हो या कूड़े से आज़ादी का अथवा बाढ़ पीड़ितों को सुविधाएँ देने का सभी मामलों में असहाय दिखी है |
विपिन शर्मा कहते हैं दिल्ली नगर निगम,नई दिल्ली नगर पालिका ,दिल्ली छावनी बोर्ड,डी,डी,ए,दिल्ली सरकार और यहाँ तक कि केंद्र सरकार सभी जगह भारतीय जनता पार्टी का शासन है फिर भी ट्रिपल इंजन सरकार नाकाम साबित हो रही है विपिन शर्मा कहते हैं कि दिल्ली सरकार और निगम में शासित भाजपा ने दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने और लैंडफिलों खत्म करने संबधी बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थी, लेकिन अब जैसे-जैसे समय बीत रहा है, भाजपा की भ्रमित करने वाले वादों की पोल खुलती जा रही है।
विपिन शर्मा कहते हैं कि निगम में भारी भ्रष्टाचार और अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण दिल्ली को कूड़े और गंदगी से कोई राहत नही मिल रही है, जबकि हर महीने करोड़ों रुपये खर्च हो रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों, पुनर्वास कालोनियों, जे.जे. कलस्टरों और गांव देहात में सफाई का बहुत बुरा हाल है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते है, कालोनियों के बाहर मुख्य सड़कों पर कूड़े के अंबार लगे है।
कॉलोनियों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक शौचालयों और सार्वजनिक स्थलों सफाई के कोई इंतजाम नही है। दिल्ली सरकार और निगम सफाई करने के साथ-साथ कूड़ा उठाने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। निगम जिसकी जिम्मेदारी शहर को साफ करके स्वच्छ रखने की है, उसमें शासित भाजपा उसमें पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है।



