दिल्ली की भाजपा सरकार छठ की तैयारियों में पूरी तरह पिछड़ गई : देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्लीवासियों को छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार छठ की तैयारियों में पूरी तरह पिछड़ गई है। महापर्व छठ की पूर्व संध्या तक अग घाटों पर सफाई का ही काम चल रहा है और जेसीबी से घाट को साफ करने का काम चल रहा है। अगर एक दिन पहले पूर्वाचंल संगठन भाजपा अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सचदेवा के पास यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन से पंटून पुल के नजदीक छठ घाट को व्यवस्थित करने का प्रतिवेदन देना रेखा गुप्ता सरकार की छठ पर्व की तैयारियों विफलताओं को उजागर करता है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि पूर्वाचंल के लोगों के लिए जहां कांग्रेस की सरकार 1100 से अधिक छठ घाट अपने कार्यकाल में बनवाए थे, भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिर्फ 17 घाटों की परिपूर्ण करने की बात करके अपनी पीठ थपथपा रही है जबकि पूर्वांचल श्रद्धालुओं में छठ पर घाट व्यवस्थित होंगे या नही इसकी चिंता बनी हुई है। एक दिन पहले कालिंदी कुंज घाट पर यमुना में सफेद झाग से ढका पानी जैसा का तैसा ही बना हुआ है और मुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री और उप मुख्यमंत्री यमना की सफाई का ढ़िढोंरा पीटकर सिर्फ दिल्ली के लाखों पूर्वाचंल भाई बहनों को गुमराह कर रहे है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि यमुना के अतिरिक्त दिल्ली के रिहायशी क्षेत्रों में बनने वाले छठ घाटों की व्यवस्था आज शाम तक नही हो सकी।
बदरपुर, द्वारका, पोचनपुर, नजफगढ़, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र और यमुना पार के क्षेत्रों में बसी अनाधिकृत कॉलोनियों में छठ घाटों की कोई तैयारी नही है। पूर्वाचंली संस्थाएं स्वयं ही अपने आप छठ घाट बनाकर महापर्व को बनाने के लिए काम कर रही है। उनके पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से कोई मदद नही मिल रही है और अभी तक दिल्ली सरकार या दिल्ली नगर निगम किसी का भी कोई क्षेत्रीय अधिकारी उनसे छठ महापर्व के आयोजन के संबध में नही मिला है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के अधिकारी लाईट, टेन्ट, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक शौचायल आदि की पूर्ण व्यवस्था में करोड़ों रुपये खर्च करने की बात तो कर रहे है लेकिन हमारी जानकारी और हमारे लोगों द्वारा जायजा लेने के बाद साफ उजागर होता है कि छठ पर करोड़ों रुपये खर्च नही हो रहे है, सिर्फ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है क्योंकि भाजपा के भ्रष्टाचार का नाम हर काम जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि घाटों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर आयोजक भी असमंजस में है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पेमेंट कहां से होगी। जो काम एक सप्ताह पहले पूरे हो जाने चाहिए थे, भाजपा की निष्क्रिय नीति और असंवेदनशीलता के चलते छठ महापर्व से एक दिन पहले भी पूरे नही हो पा रहे है, जिसके कारण पूर्वाचंल के लोग भाजपा के छठ आयोजनों से संतुष्ट नही है।



