मनरेगा पर ही बुलडोजर चला दिया भाजपा सरकार नें : विपिन शर्मा
काम करने के बजाय नाम बदलने पर ही रहता है फोकस
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली , भारतीय जनता पार्टी की सरकार दिल्ली हो या देश सभी जगह गरीब विरोधी काम कर रही है जिससे करोड़ों लोगो के हितों पर कुठाराघात होता है | यह कहना है रोहताश नगर से कांग्रेस के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का | विपिन शर्मा कहते है यदि भाजपा गरीबों के हित में कुछ नहीं कर सकती तो कम से कम कांग्रेस सरकार नें उनके लिए अपने शासनकाल में जो कुछ किया है और गरीबों को जो कुछ अपनी योजनाओं के माध्यम से दिया है उन्हें तो नहीं छीने | विपिन शर्मा कहते हैं भाजपा अपनी तो कोई योजना नई लाती नहीं कांग्रेस सरकार की पुराणी योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें अपनी योजनायें बनाने का काम करती है |

विपिन शर्मा कहते है ताजा मिसाल देश के सामने है मनेरगा जिसे मनमोहन सिंह की सरकार नें लागू किया था उसे “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम” का नाम दिया गया था जिसकी सराहना खुद उस वक्त के भाजपा के बड़े नेताओं नें सराहना की थी खुद 12 अक्टूबर 2012 को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने संयुक्त राष्ट्र की 67 वीं महासभा में मनरेगा की प्रशंसा करते हुए कहा था कि “यह योजना भारत में ग्रामीण लोगों को सशक्त बनाने, सामाजिक असमानताओं को कम करने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करने और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उन्होंने यह भी कहा था कि यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी “कैश-फॉर-वर्क” कार्यक्रम है जो गरीब ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिन रोजगार सुनिश्चित करती है और कम-से-कम 50 फीसदी कार्य महिलाओं के लिए आरक्षित रखती है।का नाम बदलकर अब “विकासशील भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड अजीविका मिशन (ग्रामीण)” कर दिया गया है। योजना का केवल नाम ही नहीं बदला बल्कि केंद्र सरकार नें इसमें काफी बदलाव भी कर दिए है |
भारत सरकार ने 2005 में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा पारित किया था। शुरुआत में इसे देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में लागू किया गया। 1 अप्रैल 2008 से इसे भारत के सभी ग्रामीण जिलों में लागू कर दिया गया था। बाद में 2 अक्टूबर 2009 को ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) कर दिया गया। यह बदलाव महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें सम्मान देने के लिए किया गया था। पहले 100 दिन काम मिला करता था, और 279 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिहाड़ी भत्ता मिलता था। अब दिन 125 कर दिए गए हैं लेकिन दिहाड़ी भत्ता कितना मिलेगा इस बात का कोई खुलासा नहीं किया गया है ।



