VK Malhotra death: बीजेपी के वरिष्ठ नेता वीके मल्होत्रा का 94 वर्ष की आयु में निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से दिल्ली समेत पूरे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके आवास जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की।
दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मल्होत्रा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन सादगी और जनसेवा को समर्पित रहा। जनसंघ काल से ही उन्होंने दिल्ली में पार्टी को मजबूत करने और संघ की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। सचदेवा ने कहा कि मल्होत्रा का जीवन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “विजय कुमार मल्होत्रा जी एक शानदार नेता थे, जिन्हें जन मुद्दों की गहरी समझ थी। उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मल्होत्रा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और भाजपा तक संगठन को आकार और विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई। चाहे वह दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर हों, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हों या जन प्रतिनिधि, उन्होंने हर भूमिका में देश और दिल्लीवासियों की सेवा की। शाह ने कहा कि उनसे हुई हर भेंट में संगठन से जुड़ी बारीकियों को जानने का अवसर मिलता था।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी अपने शोक संदेश में कहा कि मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के मजबूत स्तंभ थे और संसदीय कार्यों में उनका सहयोग हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का नाम दिल्ली की राजनीति में लंबे समय तक एक सशक्त हस्ती के रूप में रहा। जनसंघ काल से लेकर भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को खड़ा करने और मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। उनका निधन न केवल भाजपा परिवार बल्कि देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।



