Samajwadi Party: मुख्य सचेतक पद से कमाल अख्तर का इस्तीफा, बोले- अखिलेश यादव के आदेश का हमेशा पालन करूंगा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुरादाबाद से विधायक कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के दल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ उनके विवाद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस्तीफे के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कमाल अख्तर ने अपने इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त संदेश जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशों का पालन किया है और आगे भी जो भी आदेश मिलेगा, उसका पूरी निष्ठा के साथ पालन करते रहेंगे। उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
कमाल अख्तर ने लिखा, “माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है तथा जो भी आदेश मिलेगा, उसका सदैव पालन करता रहूंगा।”
गौरतलब है कि जुलाई 2024 में मनोज कुमार पांडे के मुख्य सचेतक पद छोड़ने के बाद समाजवादी पार्टी ने कमाल अख्तर को विधानसभा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
सूत्रों के अनुसार कमाल अख्तर और मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के बीच मतभेद लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान ही शुरू हो गए थे। हालांकि उस समय यह विवाद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने दोनों नेताओं के बीच तनाव को खुलकर सामने ला दिया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब 14 जून को मुरादाबाद में आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मान सम्मेलन में सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में उनके फोटो भी शामिल नहीं किए गए। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्थिति को संभालने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे। उस समय माना जा रहा था कि दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझ गया है, लेकिन अब कमाल अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी नेतृत्व आगे इस मामले में क्या निर्णय लेगा और मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। वहीं कमाल अख्तर के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।



