Religious Idol Recycling Delhi: धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन, स्थापित कर रही है सरकार : ठाकुर विनोद जायस
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार) : राजधानी दिल्ली में खंडित एवं पुरानी मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन और वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई पहल को सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों का लगातार समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिए गए सुझाव आमंत्रण और नई व्यवस्था तैयार करने के प्रयासों की भाजपा उत्तर-पूर्वी जिला उपाध्यक्ष ठाकुर विनोद जायस ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक योजना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर चलने वाला एक सकारात्मक अभियान है। ठाकुर विनोद जायस ने कहा कि वर्षों से लोग खंडित मूर्तियों को उचित व्यवस्था न होने के कारण पीपल के पेड़ों के नीचे, पार्कों, खाली स्थानों अथवा नदी किनारों पर छोड़ देते थे। इससे जहां धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती थीं, वहीं स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी सामने आती थीं। ऐसे में दिल्ली सरकार द्वारा विशेष कलेक्शन सेंटर स्थापित करने और वैज्ञानिक तरीके से मूर्तियों के रिसाइक्लिंग की दिशा में काम करना एक दूरदर्शी कदम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में कहा था कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है जिसमें धार्मिक आस्था का पूरा सम्मान हो और पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति भी न पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से सुझाव मांगते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार जनभागीदारी के माध्यम से स्थायी समाधान तैयार करना चाहती है। ठाकुर विनोद जायस ने कहा कि यह संवादात्मक सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है और जनता में विश्वास पैदा करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने में इस प्रकार की पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि खंडित मूर्तियों के लिए व्यवस्थित संग्रह केंद्र बनाए जाते हैं तो सार्वजनिक स्थानों पर फैलने वाली अव्यवस्था में कमी आएगी और धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई भी बेहतर होगी। ठाकुर विनोद जायस ने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे खंडित मूर्तियों को खुले स्थानों पर न छोड़ें और सरकार द्वारा निर्धारित कलेक्शन सेंटरों का उपयोग करें। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और धार्मिक संस्थाएं इस जन जागरूकता अभियान को घर-घर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।



