यमुना की सफाई के लिए कई योजनाएं बना रही है रेखा गुप्ता सरकार : श्री दत्त शर्मा यमुना विहार फेज चार में बनेगा नया एसटीपी
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : यमुना नदी की सफाई के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार बड़ी तेजी से नई-नई योजनायें बना रही है कई योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है जबकि कुछ शुरुवाती चरण में जल्द ही इनके सार्थक परिणाम दिल्ली की जनता के सामने होंगे | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक श्री दत्त शर्मा का | श्री दत्त शर्मा कहते हैं भाजपा के शीर्ष नेत्रत्व नें दिल्ली विधानसभा के चुनावों के दौरान यह कहा था यमुना की सफाई उनका मुख्य एजेंडा रहने वाला है | खुद होम मिनिस्टर अमित शाह तथा प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी नें दिल्ली की जनता को भरोसा दिया था यदि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है तो यमुना का सफाई अभियान तेजी से शुरू होगा | श्री दत्त शर्मा कहते हैं दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार नें अपने शुरुवाती साल में ही इस कार्य के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है | श्री दत्त शर्मा कहते हैं पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार नें अपने शासन के 11 सालों में यमुना सफाई के नाम पर कुछ नहीं किया लिहाजा यमुना की हालत और ज्यादा खराब होती चली गई | श्री दत्त शर्मा कहते हैं दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई के लिए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के बाहरी इलाकों से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए पहली बार एक मॉडर्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने का फैसला किया है। श्री दत्त शर्मा कहते हैं नालों व सीवर का गंदा पानी यमुना में गिरकर उसे दूषित कर रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए नए सीवरेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) के निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। साथ ही एनजीटी के निर्देश अनुसार पुराने का उन्नयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में यमुना विहार फेज चार में नया एसटीपी बनाने के साथ ही दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर स्थित सात पुराने एसटीपी का उन्नयन किया जाएगा। दिल्ली में कई नालों का पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। वहीं, 37 एसटीपी में से अधिकांश मानक व क्षमता के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं। इससे यमुना में प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके समाधान के लिए एनजीटी ने वर्ष 2015 में एसटीपी के उन्नयन का आदेश दिया था। अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। पिछले दिनों हाई कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट में भी दिल्ली के एसटीपी की गुणवत्ता पर प्रश्न खड़े किए गए हैं। श्री दत्त शर्मा कहते हैं सभी नालों व सीवर का पानी शोधित कर यमुना में डाला जाए इसके लिए नए एसटीपी का निर्माण व पुराने के उन्नयन कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता महसूस की गई । यमुना सफाई अभियान में भी इसे लेकर योजना तैयार की गई है। इसे ध्यान में रखकर सोमवार को हुई दिल्ली जल बोर्ड की 173वीं बोर्ड बैठक में 917.33 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एसटीपी बनाने व सात के उन्नयन का निर्णय लिया गया। इससे लगभग 52 एमजीडी सीवरेज का उपचार हो सकेगा। श्री दत्त शर्मा कहते हैं यमुना विहार फेज चार में 15 एमजीडी क्षमता का नया एसटीपी बनाया जाएगा। निर्माण व 12 वर्षों तक इसके संचालन व रखरखाव के साथ ही यमुना विहार फेज तीन स्थित एसटीपी की क्षमता 25 एमजीडी से 40 एमजीडी करने के लिए कुल 403 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केशोपुर एसटीपी फेज एक की क्षमता को 12 से 18 एमजीडी तक बढ़ाने तथा 11 वर्षों तक इसके संचालन एवं रखरखाव” के कार्य हेतु कुल 133.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे।



