Modi US Pressure: ‘प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिका की तरफ से भारी दबाव’, ट्रेड डील से लेकर अडानी और एपस्टीन फाइल तक राहुल गांधी के गंभीर आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर संसद और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। लोकसभा में डोकलाम का मुद्दा उठाने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जबरदस्त दबाव है, जिसके चलते भारत के किसानों और देश के हितों से समझौता किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि जिस ट्रेड डील को लेकर पिछले चार महीनों से बातचीत रुकी हुई थी, उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने अचानक उस पर हस्ताक्षर कर दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी न किसी कारण से भारी दबाव में हैं, यह बात वह जानते हैं और स्वयं प्रधानमंत्री भी जानते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यही वजह है कि प्रधानमंत्री घबराए हुए नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो छवि बनाई गई है, वह हजारों करोड़ रुपये खर्च करके तैयार की गई एक इमेज है और अब वह इमेज का गुब्बारा फूट सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को प्रेसिडेंशियल एड्रेस के दौरान बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया।
राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस समझौते में हिंदुस्तान के किसानों की मेहनत, खून और पसीने को बेच दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसानों को नहीं बल्कि पूरे देश को बेचने जैसा है। राहुल गांधी के मुताबिक, यही वजह है कि उन्हें संसद में बोलने से रोका गया, क्योंकि सरकार सच्चाई सामने आने से डरती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव में होने का आरोप लगाते हुए अडानी और एपस्टीन फाइल्स का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि उद्योगपति अडानी पर अमेरिका में एक मामला चल रहा है, जो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के कथित फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। इसके अलावा एपस्टीन फाइल भी एक बड़ा दबाव बिंदु है। राहुल गांधी ने दावा किया कि अडानी से जुड़ा मामला असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा हुआ मामला है और यही दो बड़े प्रेशर पॉइंट्स हैं, जिनके चलते प्रधानमंत्री दबाव में फैसले ले रहे हैं।
राहुल गांधी के इन बयानों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां सरकार से जवाब की मांग की है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में ट्रेड डील, किसानों के मुद्दे और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर संसद के भीतर और बाहर सियासी घमासान और तेज होने के संकेत हैं।



