Mahendra Bhaskar: दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सवाल: चुनावी वादे के अनुरूप सभी महिलाओं को मिले लाभ : महेंद्र भास्कर
नई दिल्ली,( रविंद्र कुमार ):दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए दिल्ली लक्ष्मी योजना के ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है, लेकिन कांग्रेस ने इसकी पात्रता शर्तों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी वादों से पीछे हटने वाला कदम बताया है। इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भास्कर, करोल बाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष, ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार वास्तव में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तो योजना का लाभ केवल सीमित वर्ग तक न रखकर दिल्ली की प्रत्येक महिला तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं से व्यापक स्तर पर समर्थन मांगा था और ₹2500 प्रतिमाह देने का वादा भी पूरे विश्वास के साथ किया था, लेकिन अब सरकार बनने के बाद पात्रता की इतनी शर्तें जोड़ दी गई हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगी। महेंद्र भास्कर ने कहा कि सरकार ने 21 से 60 वर्ष की आयु, परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक तथा चार पहिया वाहन अथवा सरकारी कर्मचारी वाले परिवारों की महिलाओं को योजना से बाहर रखने जैसी शर्तें लागू की हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने इन शर्तों का उल्लेख किया था? यदि नहीं, तो अब इन्हें लागू करने का औचित्य क्या है? उनका कहना था कि यदि सरकार महिलाओं के कल्याण को लेकर गंभीर है तो पात्रता की ऐसी शर्तें नहीं लगाई जानी चाहिए, जो बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ से वंचित कर दें। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाओं को लंबे समय तक अपने वादे के पूरा होने का इंतजार करना पड़ा और जब सरकार पर जनदबाव बढ़ा, तब जाकर योजना शुरू की गई। उनका दावा था कि जिस प्रकार की पात्रता निर्धारित की गई है, उससे यह प्रतीत होता है कि सरकार योजना का दायरा सीमित रखना चाहती है, जबकि चुनावी घोषणा व्यापक थी। महेंद्र भास्कर ने कहा कि केवल दिल्ली लक्ष्मी योजना ही नहीं, बल्कि भाजपा के कई अन्य चुनावी वादे भी अभी तक धरातल पर पूरी तरह दिखाई नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, प्रदूषण नियंत्रण, यमुना की सफाई और अन्य जनहित के कई वादों को लेकर भी जनता जवाब चाहती है। उनके अनुसार सरकार को विज्ञापनों और घोषणाओं के बजाय अपने वादों को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ लागू करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार दिल्ली लक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तों की पुनर्समीक्षा करे, अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ देने की दिशा में कदम उठाए तथा चुनाव के समय किए गए वादों के अनुरूप योजना को व्यापक स्वरूप प्रदान करे। उनका कहना था कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का विषय है, इसलिए सरकार को इस दिशा में समावेशी और न्यायसंगत निर्णय लेने चाहिए।



