ग्रीन पटाखे चलाने की छूट सराहनीय फैसला : महेंद्र सिंह पाराशर
* लोगो को भी कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री और उपयोग को लेकर अहम फैसला सुनाया गया है। अदालत ने सिर्फ (नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी है। यह अनुमति केवल 18 से 21 अक्टूबर तक के लिए दी गई है। कोर्ट ने साफ किया कि इस अवधि के बाद किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल पर प्रतिबंध जारी रहेगा। अगर कोई विक्रेता या निर्माता इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ब्राह्मण समाज संस्था यमुना विहार के अध्यक्ष महेंद्र सिंह पाराशर नें इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा माननीय सुप्रीम कोर्ट नें लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सम्मानजनक निर्णय लिया है इसका स्वागत किया जाना चाहिए | महेंद्र पाराशर कहते हैं माननीय न्यायालय नें इसके दूसरे पहलू पर भी गंभीरता दिखाते हुए आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल उन्हीं प्रमाणित कंपनियों को करने की इजाजत होगी, जिनके पास (नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ) का वैध प्रमाणपत्र है।

इसके अलावा, हर ग्रीन पटाखे पर क्यूआर कोड अनिवार्य होगा, ताकि उपभोक्ता यह सुनिश्चित कर सकें कि पटाखा असली और स्वीकृत है। पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध में ढील दिवाली त्योहार के लिए कुछ प्रतिबंधों के साथ दी गयी है. जिला प्रशासन और पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन पटाखों का उपयोग सुबह 6 बजे से 7 बजे तक तथा रात 8 बजे से 10 बजे तक ही सीमित रहे. पंजीकृत लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं द्वारा निर्मित न किए गए पटाखों को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा |
बाहर से एनसीआर क्षेत्र में कोई भी पटाखा लाने की अनुमति नहीं होगी | केवल एनईईआरआई द्वारा अनुमोदित ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति होगी | महेंद्र पाराशर कहते हैं सुप्रीम कोर्ट नें तो लोगों की भावनाओं की कद्र की है अब लोगो को भी माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए और इस छूट के मुताबिक ही पटाखों का इस्तेमाल करना चाहिए | पिछले हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में पांच दिनों के लिए परीक्षण के तौर पर पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति देने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली सरकार ने दिवाली पर ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. दिल्ली सरकार ने कहा कि दिवाली भारतीय संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है. इसलिए उनके प्रशासन ने शहर में इस त्योहार को मनाने वाले करोड़ों लोगों के लिए अदालत का रुख करने का फैसला किया |
महेंद्र पाराशर कहते हैं अब जनता का भी फर्ज बनता है इस छूट की आड़ में फायदा नहीं उठाये और कोर्ट नें जो निर्देश दिए हैं उनका पाल करें |



