Pakistan Ceasefire Violation: राजौरी में IED, पुंछ-सांबा में ड्रोन घुसपैठ, पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर सेना का करारा जवाब
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकतें सामने आई हैं, जहां राजौरी में IED की मौजूदगी और पुंछ व सांबा सेक्टर में ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सीमा पार से लगातार साजिशें रचने वाला पाकिस्तान बार-बार नाकाम होने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बीते कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियां देखी जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पुंछ सेक्टर में एक पाकिस्तानी ड्रोन को देखा गया, जिस पर भारतीय सेना ने तुरंत फायरिंग कर उसे खदेड़ दिया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ड्रोन की मंशा संदिग्ध थी और यह घुसपैठ की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
उधर, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में 20 और 21 जनवरी की रात भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटना सामने आई। यह झड़प उस समय हुई जब 6 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान केरन बाला इलाके में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगा रहे थे। इन कैमरों का उद्देश्य एलओसी के साथ मौजूद ब्लाइंड स्पॉट्स को खत्म करना और घुसपैठ की किसी भी कोशिश को पहले ही नाकाम करना था। इसी दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने इस इंस्टॉलेशन को रोकने के इरादे से छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की। भारतीय जवानों ने बेहद संयम और रणनीतिक समझ के साथ एक सटीक जवाबी गोली चलाई, जिससे पाकिस्तानी फायरिंग रुक गई। इस घटना में किसी भी पक्ष के हताहत होने की खबर नहीं है।
हालांकि, सेना को आशंका है कि यह फायरिंग किसी बड़ी घुसपैठ की कोशिश से ध्यान भटकाने के लिए की गई हो सकती है। इसी कारण घने जंगलों वाले इलाके में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। पूरे सेक्टर में सुरक्षा और चौकसी बढ़ा दी गई है, क्योंकि सर्दियों के मौसम में आतंकवादी पारंपरिक रास्तों का इस्तेमाल कर घुसपैठ की कोशिश करते हैं। सेना इन महीनों में तकनीकी निगरानी को और अपग्रेड कर रही है ताकि हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में भी आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद बड़ा अभियान चलाया गया था। अभियान के तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को शुरू हुए इस अभियान के दौरान एक मुठभेड़ भी हुई थी, जिसमें एक पैरा ट्रूपर शहीद हो गया, जबकि छिपे आतंकवादियों द्वारा अचानक किए गए ग्रेनेड हमले में सात अन्य जवान घायल हो गए थे। आतंकवादी घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए, लेकिन उनके ठिकाने से बड़ी मात्रा में सर्दियों का सामान बरामद किया गया, जिसमें खाने-पीने की वस्तुएं, कंबल और बर्तन शामिल हैं।
मुठभेड़ स्थल पर जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और सीआरपीएफ के जम्मू महानिरीक्षक आर गोपाल कृष्ण राव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और पाकिस्तान की किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।



