India Pakistan Ceasefire: पाकिस्तान ने तोड़ा भरोसा: 3 घंटे में ही सीजफायर उल्लंघन, श्रीनगर और सीमा इलाकों में दहशत
भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम घोषित हुआ सीजफायर महज 3 घंटे भी नहीं टिक पाया। संघर्षविराम के उल्लंघन में पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी नीयत जाहिर कर दी, जब जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में धमाकों की आवाजें गूंज उठीं। श्रीनगर के मध्य हिस्से से लेकर सीमा से सटे इलाकों तक दहशत का माहौल बन गया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं कि ये कैसा सीजफायर है, जब राजधानी श्रीनगर में धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं और एयर डिफेंस यूनिट को गोलीबारी करनी पड़ रही है।
शनिवार शाम 5 बजे दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई थी, लेकिन रात होते-होते पाकिस्तान ने अखनूर, राजौरी और आरएसपुरा सेक्टर में भारी गोलाबारी शुरू कर दी। बारामुला में ड्रोन हमले की कोशिश हुई, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया। जम्मू के पलनवाला सेक्टर में भी गोलीबारी हुई, जिसके बाद सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाया। सीमा के इन इलाकों में सुरक्षा कारणों से ब्लैकआउट कर दिया गया है, ताकि दुश्मन की हरकतों का जवाब दिया जा सके।
श्रीनगर के अलावा राजस्थान के पोखरण और जैसलमेर में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। कश्मीर घाटी में पाकिस्तान ने ड्रोन हमले तेज किए, जिन्हें भारतीय सेना ने श्रीनगर, अनंतनाग और पट्टन में नाकाम किया। बरनाला शहर में इमरजेंसी सायरन बजाए गए और ब्लैकआउट लागू किया गया। गुजरात के कच्छ में भी पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अंधेरा कर दिया गया।
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारत की थल सेना, वायुसेना और नौसेना को एक्टिव मोड में रखा गया है। वाघा बॉर्डर पर आवाजाही बंद कर दी गई है और भारत-पाक व्यापार फिलहाल रोका गया है। सेना के पिनाका और एस-400 मिसाइल सिस्टम पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। बंद एयरपोर्ट्स को 12 घंटे की मॉनिटरिंग के बाद खोलने का फैसला लिया जाएगा, लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम तब तक पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
इस संघर्षविराम का ऐलान शनिवार दोपहर भारत और पाकिस्तान के DGMO की बातचीत के बाद हुआ था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने घोषणा की थी कि शाम 5 बजे से दोनों देश थल, जल और आकाश मार्ग पर हमले रोक देंगे। आगे की रणनीति पर 12 मई को चर्चा होनी थी, लेकिन पाकिस्तान की नापाक हरकतों ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुरुआत में सीजफायर का स्वागत किया था, उम्मीद जताई थी कि हवाई अड्डे फिर से खुलेंगे और हज यात्राएं बहाल होंगी। लेकिन अब उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कश्मीर में फिलहाल कोई संघर्षविराम नहीं दिख रहा, बल्कि धमाकों और गोलीबारी का डरावना माहौल है।
फिलहाल सीमा और घाटी में सेना पूरी तरह अलर्ट है और पाकिस्तान की हर उकसावे वाली कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। आने वाले 48 घंटे दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।



