Operation Sindhu: युद्धग्रस्त ईरान ने भारतीयों के लिए खोला हवाई क्षेत्र, ऑपरेशन सिंधु से 1000 नागरिकों की सुरक्षित वापसी
भारत की सक्रिय और सफल कूटनीति के चलते अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पश्चिम एशिया में जारी गंभीर हालात के बीच ईरान ने विशेष रूप से भारत के लिए अपना बंद हवाई क्षेत्र खोलने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। भारतीय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, ईरान ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत भारत सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी की अनुमति दी है।
इस कूटनीतिक पहल के तहत भारत के कम से कम 1,000 नागरिक आज रात और कल तड़के विशेष उड़ानों के जरिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। पहली उड़ान रात करीब 11:30 बजे मशाद से दिल्ली लैंड करेगी, जबकि दूसरी फ्लाइट अश्गाबात से सुबह लगभग 3 बजे दिल्ली में उतरेगी। तीसरी फ्लाइट शनिवार को भारत पहुंचेगी, जो शाम तक एयरपोर्ट पर लैंड करेगी।
भारतीय दूतावास और ईरान के स्थानीय प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय के चलते निकासी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। चार्टर्ड फ्लाइट्स की व्यवस्था की गई है, जिससे युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भारत सरकार द्वारा अनुरोध किए जाने पर विशेष रूप से यह राहत कोरिडोर बनाया गया है।
ईरान और इज़राइल के बीच पिछले आठ दिनों से जारी तनावपूर्ण हालात के बीच दोनों देशों द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है। ऐसे समय में जब ईरान ने अपनी एयरस्पेस को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बंद कर रखा है, भारत के लिए हवाई क्षेत्र खोलना एक असाधारण कदम माना जा रहा है। इस फैसले को भारतीय कूटनीति की गहरी पकड़ और विश्वसनीयता का प्रमाण माना जा रहा है।
दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस पहल की पुष्टि की है और कहा है कि तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों के साथ भारतीय दूतावास का सीधा संपर्क बना हुआ है। कुछ छात्रों के घायल होने की सूचना भी मिली है, जिनका ईरानी मेडिकल संस्थानों में इलाज कराया जा रहा है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार रात को ही 110 भारतीय छात्रों का पहला जत्था नई दिल्ली पहुंचा था। इनमें से 94 छात्र-छात्राएं जम्मू-कश्मीर के थे, जो उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। उन्हें आर्मेनिया और दोहा के रास्ते सुरक्षित भारत लाया गया। यह ऑपरेशन संकट की घड़ी में भारत सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है।
‘ऑपरेशन सिंधु’ भारतीय विदेश नीति का एक और गौरवपूर्ण अध्याय बन गया है, जहां सरकार ने न केवल समय रहते कार्रवाई की, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।



