Noida Violence Case: पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे X हैंडल्स का खुलासा, मजदूर हिंसा भड़काने की साजिश का दावा
नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि इस पूरी घटना के पीछे एक सुनियोजित साजिश हो सकती है, जिसमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर माहौल को भड़काया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में यह संकेत मिले हैं कि कुछ X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल मजदूरों को भड़काने के लिए किया गया।
इस मामले पर जानकारी देते हुए लक्ष्मी सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हिंसा के दौरान कुछ सोशल मीडिया अकाउंट लगातार सक्रिय थे और वे भीड़ को उकसाने का काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना एक संगठित और पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए QR कोड, व्हाट्सएप ग्रुप और डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल कर मजदूरों को एकत्रित किया गया और उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया गया। 9 और 10 अप्रैल को इन ग्रुप्स का निर्माण किया गया, जिसके बाद 10 अप्रैल को श्रमिकों ने प्रदर्शन शुरू किया और 11 अप्रैल को रोड जाम की स्थिति बनी।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कुछ लोग लगातार भीड़ को भड़काते रहे, जिनकी पहचान मनीषा चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद के रूप में हुई है। इनमें से कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि दो X अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे और उन्हें VPN के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट्स ने हिंसा के दौरान गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल को और तनावपूर्ण बनाया।
नोएडा पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 एफआईआर दर्ज की हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में आगजनी और पुलिस पर हमले में शामिल लोग भी हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से कई लोग मजदूर नहीं थे और कुछ बाहर से आए हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि हिंसा को भड़काने और संगठित करने में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस पूरे मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस साइबर टीम के साथ मिलकर इन सोशल मीडिया नेटवर्क और विदेशी लिंक की गहन जांच कर रही है, ताकि पूरे साजिश नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।



