Home देश दुनिया Myanmar Earthquake: म्यांमार में एक बार फिर भूकंप, धरती कांपी, 4.4 रही...

Myanmar Earthquake: म्यांमार में एक बार फिर भूकंप, धरती कांपी, 4.4 रही तीव्रता

0
29

Myanmar Earthquake: म्यांमार में एक बार फिर भूकंप, धरती कांपी, 4.4 रही तीव्रता

म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार यह भूकंप जमीन से लगभग 100 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिसके कारण झटके महसूस तो हुए लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप के बाद लोग सतर्क हो गए और कई इलाकों में दहशत का माहौल देखा गया।
आंकड़ों के अनुसार म्यांमार में बीते कुछ दिनों से लगातार हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं। इससे पहले 13 दिसंबर को 3.9 तीव्रता का भूकंप 115 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जबकि 11 दिसंबर को 3.8 तीव्रता और 10 दिसंबर को 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई 138 किलोमीटर थी। बार-बार आ रहे इन झटकों ने इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से म्यांमार एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। देश चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के बीच स्थित है, जिनकी आपसी टकराहट के कारण यहां अक्सर भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। इसके अलावा म्यांमार से होकर लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी ट्रांसफॉर्म फॉल्ट गुजरती है, जो अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में स्थित सागाइंग फॉल्ट से जोड़ती है। यही सागाइंग फॉल्ट सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे बड़े शहरों के लिए गंभीर भूकंपीय खतरा पैदा करती है।
इतिहास पर नजर डालें तो म्यांमार में विनाशकारी भूकंपों का लंबा रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 1903 में बागो में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसका असर यांगून तक महसूस किया गया था। हाल ही में इसी साल 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का बेहद विनाशकारी भूकंप आया था, जिसने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। उस भूकंप में बुनियादी ढांचे, सड़कों और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ था और 2700 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जबकि हजारों लोग घायल हुए थे।
लगातार आ रहे भूकंप म्यांमार के लिए एक चेतावनी माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप संभावित इलाकों में मजबूत निर्माण, आपदा प्रबंधन और सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े भूकंप से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here