Punjab Factory Blast: पंजाब के एसएएस नगर में ऑक्सीजन सिलेंडर फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, दो की मौत, तीन घायल
पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली) के फेज-11 औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भयावह हादसा घटा, जब एक ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माण संयंत्र में अचानक तेज धमाका हुआ। सुबह करीब 9 बजे हुए इस भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी और फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे कर्मचारियों की चीख-पुकार गूंज उठी।
इस दर्दनाक हादसे में दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि अन्य मजदूरों को समय रहते फैक्ट्री से बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक और बड़ी त्रासदी टल गई।
घटना की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। फैक्ट्री परिसर को तत्काल खाली कराया गया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों में भी डर और दहशत का माहौल बना रहा।
एसपी सिटी सिरिवेनेला ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, “यह हादसा एक ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माण संयंत्र में हुआ है। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण यह धमाका हुआ।” उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा रही है।
विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास की दीवारें दरक गईं और कुछ मशीनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। फैक्ट्री परिसर के बाहर खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार छा गया।
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की घटना हुई हो। इससे पहले भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई फैक्ट्रियों में विस्फोट और आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर निर्माण जैसी जोखिमभरी यूनिटों में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की गई है और फैक्ट्री के मालिक तथा प्रबंधन से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री को आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र और अनुमति मिली थी या नहीं।
फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और वहां का सारा उत्पादन कार्य रोक दिया गया है। जिला प्रशासन ने अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी चेतावनी दी है कि वे सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।


