NTPC Bilaspur Accident: बिलासपुर NTPC प्लांट में बड़ा हादसा: एयर प्री फिल्टर प्लेटफॉर्म गिरने से मजदूर की मौत, चार घायल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत स्थित एनटीपीसी (NTPC) थर्मल पावर प्लांट में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिससे न सिर्फ एक मजदूर की जान चली गई, बल्कि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा प्लांट के यूनिट-5 में उस समय हुआ जब मजदूर वहां एयर प्री फिल्टर की मरम्मत या निगरानी का काम कर रहे थे। अचानक ऊंचाई पर बना प्लेटफार्म भरभरा कर गिर पड़ा, जिससे नीचे खड़े पांच मजदूर मलबे में दब गए।
घटना के तुरंत बाद प्लांट के कर्मचारियों और अधिकारियों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया। हालांकि, उनमें से एक मजदूर, 27 वर्षीय श्याम साहू, की इलाज के दौरान मौत हो गई। शेष चार में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य तीन मजदूरों का इलाज छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में किया जा रहा है।
सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मजदूर यूनिट-5 के भीतर नियमित कार्य कर रहे थे। उसी दौरान ऊपर लगा एयर प्री फिल्टर का प्लेटफॉर्म टूटकर नीचे गिर पड़ा, जिससे पांचों मजदूर उसकी चपेट में आ गए। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया।
एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी पीआर भारती ने पुष्टि की कि घायलों का उचित इलाज जारी है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोका जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या संबंधित विभागों ने सुरक्षा उपकरणों और ढांचागत सुविधाओं की जांच समय पर की थी? क्या मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण और गियर प्रदान किए गए थे?
इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मजदूर संगठनों ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक मुआवजे की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



