Delhi: दिल्ली में कर्तव्य भवन का उद्घाटन: प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सशक्त प्रशासनिक भारत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अत्याधुनिक कर्तव्य भवन का उद्घाटन किया। यह भवन भारत सरकार के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक और केंद्रीकृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे व्यापक बदलावों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भारत के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक मूल्यों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास है।
कर्तव्य भवन: आधुनिक भारत का प्रशासनिक केंद्र
करीब 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले इस विशाल ऑफिस कॉम्प्लेक्स में दो बेसमेंट और सात मंजिलें बनाई गई हैं। इस भवन में भारत सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों और कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाएगा, जो अब तक राजधानी की पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों जैसे शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन में संचालित हो रहे थे।
कर्तव्य भवन में अब गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग (DoPT), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इससे मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर होगा और सरकारी कार्यों में गति आएगी।
सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा
कर्तव्य भवन-3 के साथ ही इसी परिसर में कर्तव्य भवन-1 और 2 का निर्माण भी लगभग पूर्णता के कगार पर है। इस पूरी परियोजना का ठेका प्रतिष्ठित निर्माण कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को वर्ष 2021 में दिया गया था, जिसने ₹3,141.99 करोड़ की बोली जीतकर काम शुरू किया। तीनों भवनों का निर्माण कार्य एक ही समय में शुरू हुआ और अब चरणबद्ध तरीके से इनके उद्घाटन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
कर्तव्य पथ और बदलते राजपथ का संदेश
साल 2022 में सरकार ने ऐतिहासिक राजपथ का पुनर्विकास कर उसे ‘कर्तव्य पथ’ नाम दिया, जिससे सत्ता के प्रतीकों को “कर्तव्य” और “लोक सेवा” की भावना से जोड़ने की कोशिश की गई। इसके अगले ही वर्ष 2023 में नए संसद भवन का निर्माण पूरा हुआ, जिसने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को भव्य आधुनिकता के साथ मजबूती दी।
प्रधानमंत्री का नया आवास और कार्यालय, तथा उपराष्ट्रपति का एन्क्लेव भी इस मास्टर प्लान का हिस्सा हैं, जिनका निर्माण तेजी से चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण
कर्तव्य भवन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, “यह सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि यह नए भारत के नए दृष्टिकोण का प्रतीक है। एक ऐसा भारत जो न केवल अपनी परंपराओं को संजोकर रखता है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को आधुनिक बनाता है।” उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रशासनिक कार्यों को दक्ष, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
पुरानी इमारतों की जगह नई कार्यक्षमता
शास्त्री भवन, कृषि भवन और निर्माण भवन जैसी इमारतें 1950 से 1970 के बीच बनी थीं। समय के साथ इनमें न तो पर्याप्त जगह रही, न आधुनिक सुविधाएं, जिससे कई मंत्रालयों को काम करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन सबको कर्तव्य भवन में समाहित कर एक एकीकृत प्रशासनिक केंद्र बनाया गया है।


