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Lucknow Fire Tragedy: पुरनिया एनिमेशन सेंटर अग्निकांड में 15 मौतें, राजनाथ सिंह ने लिया घटनास्थल का जायजा

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Lucknow Fire Tragedy: पुरनिया एनिमेशन सेंटर अग्निकांड में 15 मौतें, राजनाथ सिंह ने लिया घटनास्थल का जायजा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में सोमवार को एक एनिमेशन सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई छात्रों ने ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे कई लोग घायल हो गए। हादसे में केजीएमयू की ओर से 15 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग इसकी चपेट में आ गई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। उन्होंने जांच टीम को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

हादसे की जांच के लिए गठित एसआईटी में प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। टीम आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। प्रशासन यह भी पता लगाएगा कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने भी हालात का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

स्थानीय लोगों में घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि हादसे के करीब 40 मिनट बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। लोगों का कहना है कि अगर राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू हो जाता तो नुकसान को कम किया जा सकता था। दमकल विभाग की देरी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

आग बुझने के बाद बिल्डिंग में चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई दिया। कई सामान जलकर राख हो गए और छात्रों के बीच डर का माहौल बना रहा। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और एसआईटी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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