लखनऊ में कल शाम हुए बिल्डिंग हादसे में सास-बहू की मौत हो गई। 19 घंटे से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 14 लोगों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस 5 मंजिला बिल्डिंग के मलबे में 15 से ज्यादा लोग दबे थे। उन्होंने खुद अपने परिवार को फोन लगाकर बचा लेने की गुहार लगाई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम को मौके पर भेजा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे हैं। हादसे का कारण क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। आशंका जताई जा रही है कि ये इमारत जर्जर भी बताई जा रही थी।
हादसा मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे हुआ। DGP डीएस चौहान के अनुसार जो लोग बिल्डिंग के बेसमेंट में फंसे हैं। उनको लगातार ऑक्सीजन देने का प्रयास हो रहा है। इनसे फोन पर भी बात की गई है। मरने वाली महिलाओं में पूर्व कांग्रेस नेता जीशान हैदर की मां और भाई की पत्नी शामिल हैं। इस बीच तारिक, नवाजिश शाहिद, फहद यजदानी पर गैर इरादतन हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है।
अपार्टमेंट में रहने वाले जिन घायलों को बाहर निकाला गया उनमें से कुछ ने बताया कि शाम के करीब साढ़े छह बजे होंगे। तभी अचानक से जमीन खिसकती हुई मसूस हुई। पल के लिए लगा कि कहीं भूकंप तो नहीं। तभी पूरी बिल्डिंग भरभराकर ढह गई। अपार्टमेंट के ऊपरी मंजिल के कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए वह तुंरत बाहर आ गए। इसमें फ्लैट नंबर 301 में रहने वाली रंजना अवस्थी व उनकी बेटी आलोका शामिल हैं। एहतियातन उनको अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी स्थिति सामान्य है।



