Lucknow Agra Expressway: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, 20 फीट नीचे खाई में गिरी डबल डेकर बस, 20 यात्री गंभीर घायल
गहरी नींद में यात्रियों को झकझोर गया हादसा
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार देर रात लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ. करीब 60 यात्रियों को लेकर जा रही एक डबल डेकर स्लीपर बस अचानक पिकअप वाहन से टकराकर अनियंत्रित हो गई और 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे, जिससे बस में चीख-पुकार मच गई. इस दर्दनाक घटना में 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को हल्की चोटें आईं.
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, बिहार नंबर की बस (BR28 P 9488) आगरा से लखनऊ की ओर जा रही थी. रास्ते में हसनगंज थाना क्षेत्र के हसनपुर इलाके के पास बस सब्जियों से लदे एक पिकअप वाहन से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस डिवाइडर तोड़ते हुए सड़क से नीचे जा गिरी. बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार में थी और हादसे के समय चालक को झपकी आ गई थी, जिससे उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी पुलिस
दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीओ हसनगंज अरविंद कुमार पुलिस बल और यूपीडा (UPIDA) अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. रेस्क्यू टीम ने तुरंत बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला. घायलों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. शुरुआती इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
रातभर चला राहत और बचाव कार्य
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए मौके पर पहुंच गए. बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर प्रयास किए. अंधेरे में मोबाइल की रोशनी और ट्रक की हेडलाइट्स की मदद से राहत कार्य किया गया. हादसे की वजह से एक्सप्रेसवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा.
ड्राइवर की गलती बताई जा रही वजह
कुछ यात्रियों ने बताया कि हादसे से पहले बस चालक को बार-बार नींद आ रही थी, जिस पर यात्रियों ने उसे चेताया भी था. लेकिन चालक ने वाहन रोका नहीं. संभावना जताई जा रही है कि नींद की झपकी आने से उसने नियंत्रण खो दिया और यह हादसा हो गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस ने बस और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है. हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया.
यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और नींद में वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है. स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबी दूरी की बसों के चालकों की थकान और ड्राइविंग टाइम पर सख्त निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.



