Lawrence Bishnoi Gang: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 शूटर गिरफ्तार, पंजाब में कबड्डी खिलाड़ी की हत्या समेत तीन बड़े मर्डर केस सुलझे
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े आरजू-अनमोल बिश्नोई व हैरी बॉक्सर सिंडिकेट को बड़ा झटका देते हुए पुलिस ने पांच शूटरों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में वांटेड थे और वर्ष 2025 में हुए तीन सनसनीखेज हत्याकांडों में इनकी सीधी भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए शूटर न केवल शूटिंग में शामिल थे, बल्कि रेकी, हथियारों की व्यवस्था, वाहनों और ठिकानों का इंतजाम भी यही करते थे।
सबसे चर्चित मामला 1 दिसंबर 2025 का है, जब चंडीगढ़ के सेक्टर-26 टिंबर मार्केट में इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद पैरी की एसयूवी पर करीब 11 राउंड फायरिंग की गई थी। जांच में सामने आया कि पियूष पिपलानी और अंकुश इस वारदात के मुख्य शूटर थे, जबकि अन्य आरोपियों ने हथियार, सिम कार्ड और फरारी के लिए ठिकाने मुहैया कराए थे। हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पैरी को “गद्दार” बताते हुए इस मर्डर की जिम्मेदारी भी ली थी।
दूसरा बड़ा मामला 5 जून 2025 का है, जब हरियाणा के पिंजौर में नेशनल लेवल के कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की अमरावती मॉल के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में करीब 12 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें से छह गोलियां सोनू को लगी थीं। इस केस में भी पियूष पिपलानी और अंकुश की भूमिका सामने आई थी। दोनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली थी, हालांकि पुलिस निजी रंजिश और जमीन विवाद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
तीसरा हत्याकांड 1 सितंबर 2025 को अमृतसर में हुआ था, जहां लायन बार एंड रेस्टोरेंट के मालिक आशु महाजन की उनके ही रेस्टोरेंट में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार हमलावरों में से एक ने अंदर घुसते ही छह राउंड फायरिंग की थी। इस हत्या की जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया के जरिए ली थी, जिसके बाद यह मामला गैंगवार से जोड़कर देखा जाने लगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए पांचों शूटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे और इन तीनों हत्याओं में एग्जीक्यूशन से लेकर लॉजिस्टिक सपोर्ट तक हर स्तर पर शामिल थे। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।



