सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Kanpur student suicide: कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना, होमवर्क की शिकायत से आहत आठवीं के छात्र ने नौवीं मंजिल से कूदकर दी जान

4 मिनट पढ़ें
Advertisement

Kanpur student suicide: कानपुर में दिल दहला देने वाली घटना, होमवर्क की शिकायत से आहत आठवीं के छात्र ने नौवीं मंजिल से कूदकर दी जान

कानपुर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 13 वर्षीय आठवीं कक्षा के छात्र ने होमवर्क न करने की शिकायत से आहत होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के एनआरआई सिटी में रहने वाले छात्र प्रखर त्रिवेदी ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चिंता और आत्ममंथन का विषय बन गई है कि पढ़ाई का दबाव और पारिवारिक परिस्थितियां किस तरह एक मासूम मन पर भारी पड़ सकती हैं।

प्रखर त्रिवेदी अपने पिता और दादी के साथ एनआरआई सिटी के टावर नंबर-3 के फ्लैट नंबर 904 में रहता था। उसके पिता सुधांशु त्रिवेदी पेशे से वकील हैं, जबकि दादा राज किशोर त्रिवेदी भी वरिष्ठ वकील रह चुके हैं। बाहर से यह परिवार पूरी तरह सामान्य और शिक्षित नजर आता था, लेकिन अंदरूनी हालात काफी समय से तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। प्रखर की मां वास्को त्रिवेदी पिछले करीब चार वर्षों से पति से अलग रह रही हैं और दोनों के बीच तलाक का मामला अदालत में लंबित है। मां मायके में अपनी छोटी बेटी के साथ रहती थीं, जबकि प्रखर पिता और दादी के साथ रह रहा था।

मंगलवार का दिन भी सामान्य ही शुरू हुआ था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रखर ने अपनी ट्यूशन टीचर को घर पर पढ़ाने के लिए बुलाया था। टीचर ने उसे कुछ देर बाद आने की बात कही और इस दौरान होमवर्क पूरा करने को कहा। बताया जा रहा है कि टीचर के आने तक प्रखर के पास पर्याप्त समय था, लेकिन उसने पढ़ाई करने के बजाय लैपटॉप पर गेम खेलना शुरू कर दिया। जब टीचर घर पहुंचीं और उन्होंने होमवर्क चेक किया, तो काम अधूरा पाया गया।

घर में मौजूद दादी के सामने ट्यूशन टीचर ने प्रखर की शिकायत की और कहा कि अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद उसने होमवर्क पूरा नहीं किया। दादी ने भी यही बात दोहराई कि बच्चा पढ़ाई छोड़कर लैपटॉप पर गेम खेल रहा था। यह पूरी बातचीत प्रखर ने सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शिकायत के बाद वह बिल्कुल शांत हो गया। उसने न तो कोई जवाब दिया और न ही कोई बहस की। कुछ देर बाद वह कमरे से उठकर बालकनी की ओर गया और अचानक नौवीं मंजिल से नीचे कूद गया। नीचे मौजूद लोगों और सुरक्षा गार्ड ने जब यह देखा तो अफरा-तफरी मच गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Advertisement

बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दादा ने फोन कर प्रखर की मां को सूचना दी। खबर मिलते ही मां बदहवास हालत में कानपुर पहुंचीं। पोस्टमार्टम हाउस में मां का दर्द और गुस्सा दोनों छलक पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था और वह लंबे समय से मानसिक दबाव में था। मां ने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बच्चे को मां का सहारा मिलता, तो शायद वह यह कदम नहीं उठाता। हालांकि, अभी तक मां की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।

नवाबगंज थाना प्रभारी केशव तिवारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्यूशन टीचर की शिकायत के बाद बच्चा मानसिक रूप से आहत हुआ और उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने दादी और ट्यूशन टीचर से पूछताछ की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि बच्चों पर पढ़ाई और अपेक्षाओं का दबाव किस हद तक डाला जा रहा है। एक छोटी-सी शिकायत भी किसी संवेदनशील बच्चे के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है, यह मामला उसकी दर्दनाक मिसाल बन गया है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *