Jaipur SMS Hospital Fire: जयपुर SMS अस्पताल आग: 8 मरीजों की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल
प्रारंभिक जांच में आग के कारण के रूप में शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है। आग ट्रॉमा सेंटर के स्टोर रूम में लगी थी, जहां पेपर, आईसीयू उपकरण और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखे हुए थे। आग फैलने के साथ ही धुआं तेजी से फैल गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में कठिनाई हुई। अस्पताल के कर्मचारी और अधिकारी तुरंत मरीजों को बाहर निकालने में जुट गए, लेकिन 8 मरीजों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में सीकर के पिंटू, आंधी के दिलीप, भरतपुर से श्रीनाथ, रुक्मणी, खुश्मा, सर्वेश, दिगंबर वर्मा और सांगानेर के बहादुर शामिल हैं।
राज्य सरकार ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जिसका नेतृत्व चिकित्सा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे। कमेटी में अस्पताल प्रशासन, विद्युत विभाग, PWD, SMS मेडिकल कॉलेज और जयपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भी मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी SMS अस्पताल अग्निकांड पर दुख जताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपना दिल्ली दौरा रद्द कर अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और विधायक बालमुकुंदाचार्य भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
हादसे के बाद अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और उचित मुआवजे की मांग की। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने इसे हृदयविदारक बताते हुए जांच की मांग की, जबकि सचिन पायलट ने प्रशासन की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया।



