सप्ताह में तीन दिन स्कूलों का निरीक्षण दिल्ली सरकार का बेहतरीन निर्णय : निर्मल गुप्ता
सुधरेगा एजुकेशन सिस्टम
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली सरकार दिल्ली के शिक्षा सिस्टम को बेहतरीन बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही | सरकार का प्रयास है दिल्ली का एजुकेशन सिस्टम देश में सबसे बेहतरीन हो | यह कहना है आर.डब्लू.ए.विवेक विहार के अध्यक्ष निर्मल गुप्ता का | निर्मल गुप्ता कहते है इसके लिए रेखा गुप्ता सरकार नें कई योज्न्यें बनाई है और बड़ी तेजी के साथ उनपर काम चल भी रहा है |
अब दिल्ली सरकार नें उस सिस्टम की निगरानी करने की भी योजना बनायी है जिससे निश्चित रूप से एजुकेशन सिस्टम में और मजबूती आएगी | निर्मल गुप्ता कहते हैं दिल्ली के सरकारी स्कूलों में रिजल्ट, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों के प्रदर्शन में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। अब शिक्षक स्कूलों से अनुपस्थित नहीं रह सकेंगे। शिक्षा अधिकारी अब सप्ताह में तीन दिन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। शिक्षा अधिकारियों के लिए फरवरी तक यह निरीक्षण करना अनिवार्य है। अधिकारी सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को स्कूलों में सुबह के समय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी देखेंगे कि स्कूलों में चल रहे शैक्षणिक प्रयास नीव, निपुण संकल्प, राष्ट्रनीति, साइंस ऑफ लिविंग का सही से क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं। निरीक्षण का मुख्य फोकस शैक्षणिक विकास पर होगा। इस दौरान अर्धवार्षिक परीक्षा परिणामों की जांच, सीखने में कमियों की पहचान, कम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण अधिगम सामग्री, समय सारणी और छात्रों एवं शिक्षकों के बीच अनुशासन की जांच होगी।
निरीक्षण के दौरान कम से कम 15 मिनट कक्षा अवलोकन और अधिगम मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें अधिकारियों को कक्षा में शिक्षक एवं छात्र की उपस्थिति का सत्यापन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा स्कूल के भीतर पुस्तकालय, खेल, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, स्पोर्ट्स सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है या नहीं, इसको भी देखना होगा। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में किसी भी चूक को शिक्षा निदेशक की ओर से गंभीरता से लिया जाएगा। निर्मल गुप्ता कहते हैं सिस्टम सुधारने के लिए नई योजनाएं बनाना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी उन योजनाओं का निरिक्षण करना भी जरूरी है |
निर्मल गुप्ता कहते हैं मिड-टर्म परीक्षा के रिजल्ट की भी जांच होगी. जहां बच्चे ज्यादा कमजोर दिखेंगे, वहां अधिकारी ज्यादा बार जाएंगे. टीचर्स का टाइमटेबल, लेसन प्लान, टीचिंग मटेरियल सब देखा जाएगा. छात्रों और टीचर्स की हाजिरी भी चेक की जाएगी. हर विजिट में कम से कम 15 मिनट क्लासरूम में बैठकर पढ़ाई का निरीक्षण करना जरूरी होगा. इसमें बच्चे से छोटा टेस्ट या सवाल-जवाब भी शामिल हो सकता है | निर्मल गुप्ता कहते है दिल्ली सरकार की इस योजना के निकट भविष्य में सार्थक परिणाम देखने को मिलेगें |



