Himachal RainAlert: हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, 36 घंटे में 6 मौतें, सैकड़ों सड़कें और बिजली-पानी सेवाएं ठप
शिमला, जुलाई हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्रकृति के कहर से जूझ रहा है। पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलनों ने प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अलग-अलग हादसों में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सड़क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 3 राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 398 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा, 682 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 151 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे सैकड़ों गांवों और कस्बों में अंधेरा और जल संकट गहराता जा रहा है।
भारी बारिश के चलते शिलाई, कोटखाई और थुनाग में स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण रास्तों पर मलबा जमा हो गया है, जिससे बचाव दलों को राहत कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने हिमाचल के ऊना, हमीरपुर, सोलन और बिलासपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य 8 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सोमवार को पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया था, जहां रातभर रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भू-स्खलन की आशंका और अधिक बढ़ गई है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा भी बाधित हो गई है, जिससे लोगों को अपनों से संपर्क करने में दिक्कतें हो रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी इलाकों की यात्रा न करें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।



