Chandan Mishra Murder: पटना शूटआउट केस में बड़ा एक्शन: चंदन मिश्रा हत्याकांड के शार्प शूटरों का आरा में एनकाउंटर, दो घायल
पटना के चर्चित चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल शार्प शूटरों के खिलाफ बिहार पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। आरा जिले में मंगलवार को पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को गिरफ्तार कर आरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। यह एनकाउंटर भोजपुर जिले के एक इलाके में हुआ, जहां पुलिस को दोनों आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों की पहचान रविरंजन सिंह और बलवंत सिंह के रूप में हुई है। दोनों पर पटना के बहुचर्चित चंदन मिश्रा हत्याकांड में मुख्य शूटर होने का आरोप है। इस वारदात में चंदन मिश्रा को दिनदहाड़े पारस हॉस्पिटल के पास गोली मार दी गई थी, जिससे पूरे पटना में सनसनी फैल गई थी। मारे गए चंदन मिश्रा की फाइल फोटो भी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
मंगलवार को जैसे ही पुलिस टीम भोजपुर में आरोपियों की तलाश में पहुंची, उन पर फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों शार्प शूटर घायल हो गए। गोली लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पुलिस की निगरानी में उनका इलाज जारी है। पुलिस का दावा है कि दोनों एनकाउंटर में घायल आरोपी चंदन मिश्रा की हत्या के वक्त घटनास्थल पर मौजूद थे और हत्या में सीधे शामिल थे।
इससे पहले इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से गिरफ्तार किया था। विशेष टीम ने शनिवार सुबह करीब 5:38 बजे छापेमारी कर दो फ्लैटों से चार आरोपियों को पकड़ा था, जबकि एक को हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के बाहर से गिरफ्तार किया गया था। ये सभी आरोपी मिश्रा की हत्या में इस्तेमाल की गई सामग्री जुटाने और आरोपियों को शरण देने में शामिल थे।
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी एक सफेद रंग की गाड़ी से फरार हुए थे, जिसे बसंती हाईवे के पास सीसीटीवी कैमरे में देखा गया। यह वाहन आनंदपुर, कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स और भांगर थानों के क्षेत्रों से गुजरा था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट की जांच शुरू कर दी है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अब तक पुलिस की सक्रियता के चलते हत्या से जुड़े मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मुठभेड़ में शूटरों के घायल होने से मामले में अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस अब मामले की तह तक जाने के लिए डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है और नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड को भी तलाश रही है।



