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बेटी से प्रेम विवाह करने वाले के हाथ बांधकर पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट

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करैरा थाना क्षेत्र के ग्राम मछावली में दो साल पहले एक युवक-युवती ने भाग कर प्रेम विवाह कर लिया था। । युवक की हत्या का यह मामला आनर किलिंग से जोड़ कर देखा जा रहा है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। ग्रामीण सूत्रों की मानें तो छाया के स्वजनों ने ही दोनों को गांव बुलाकर हत्या करने का षड़यंत्र रचा था। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों पर एफआइआर दर्ज कर मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मछावली निवासी धीरू पुत्र पनुआ जाटव उम्र 23 साल ने वर्ष 2020 में गांव की छाया पुत्री सुरेश जाटव को भगा कर प्रेम विवाह कर लिया था। दोनों शादी करने के बाद अहमदावाद में रहने लगे और लौट कर कभी गांव नहीं आए। इसी दौरान दोनों के यहां एक बेटी ने जन्म ले लिया। दीपावली पर धीरू व छाया अपनी दुधमंही बेटी को लेकर शिवपुरी लौटे थे ताकि अपने स्वजनों को बेटी का मुंह दिखा सकें। चूंकि छाया के स्वजनों ने इस बात की कसम खाई थी कि जिस दिन यह दोनों लौट कर गांव आएंगे उस दिन दोनों की जिंदगी का आखिरी दिन होगा, इसलिए दोनों शिवपुरी आने के बावजूद गांव नहीं लौटे। वह पारागढ़ अमोलपठा में एक रिश्तेदार के घर में छिप कर रह रहे थे। इसी क्रम में धीरू के चचेरे भाई महेंद्र जाटव को धीरू के पांच हजार रुपये उधार देने थे तो महेंद्र ने उसे फोन लगाया कि उसने फसल बेची है, अभी उसके पास पैसे हैं, इसलिए अपने पैसे वापस ले जा, बाद में पता नहीं पैसे बचे या नहीं। इसी के चलते धीरू जाटव अपने रिश्तेदार बल्ली जाटव के साथ बाइक पर सवार होकर गांव में पैसे उधार लेने और स्वजनों से मिलने आ गया। बल्ली व धीरू जब गांव में रामहेत परिहार की दुकान पर कुछ लेने पहुंचे तभी छाया के स्वजनों ने उसे देख लिया और उसे जबरन बांध कर अपने साथ ले गए। बल्ली ने इस बात की जानकारी धीरू के पिता को दी तो वह दौड़ता हुआ बेटे को बचाने पहुंचा। उसने देखा कि कदम सिंह की टपरिया के पास कदम सिंह उसे अपनी बंदूक की बट से पीट रहा था तो ओमकार, सुरेश, पवन, रूपसिंह, स्वरूपा उसे लाठियों पीट रहे थे। सभी लोगों ने धीरू को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और जब वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा तो उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और लाश बरामद कर आरोपितों के खिलाफ हत्या का प्रकरण कायम कर लिया।

तमाशाबीन बने रहे गांव वाले

बताया जा रहा है कि जब आरोपित धीरू को बांध कर अपने साथ खींच कर ले जा रहे थे तो वहां गांव के कई अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी को इस बात का पता था कि छाया के स्वजनों ने धीरू और छाया को मौत के घाट उतारने की कसम खाई है, लेकिन किसी ने भी आरोपितों की इस दुस्साहसिक हरकत का विरोध दर्ज नहीं कराया। यह भी चर्चा है कि आरोपितों द्वारा जब इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया जा रहा था तब जिन लोगों ने इसे आंखों से भी देखा वह भी भाग कर अपने घरों में छिप गए। अगर गांव वाले हिम्मत दिखाकर इस घटना का विरोध कर देते तो शायद धीरू की जान बच जाती।

आरोपितों के घर पर चल सकता है बुलडोजर

बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस व एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए थे। आरोपितों के घर पर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। कदम सिंह की बंदूक का लायसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बात की भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में सभी आरोपितों के घर पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है। मृतक को बेटी से प्रेम विवाह करने के चलते पीट-पीट कर मौत के घाट उतारा गया है। मृतक अपने गांव आया हुआ था, फिलहाल ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है कि उसे षड़यंत्र पूर्वक गांव बुलाया गया थाा। फिलहाल आरोपित घर छोड़कर भाग गए हैं। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। – सतीश चौहान, टीआइ करैरा

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