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जल भराव नहीं होगा के सरकारी दावे साबित हो रहे हैं झूठ के पुलिंदे :भीष्म शर्मा

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भीष्म शर्मा
जल भराव नहीं होगा के सरकारी दावे साबित हो रहे हैं झूठ के पुलिंदे :भीष्म शर्मा

जल भराव नहीं होगा के सरकारी दावे साबित हो रहे हैं झूठ के पुलिंदे :भीष्म शर्मा

चार सौ से ज्यादा स्थानों पर भरा बरसात का पानी

नई दिल्ली (सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली की भाजपा सरकार भी आम आदमी पार्टी की सरकार की तरह केवल हवाबाजी में दावे करती हैं लेकिन जमीन पर कोई भी तैयारी नहीं करती | यह कहना है घोंडा विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व विधायक भीष्म शर्मा का | भीष्म शर्मा कहते मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियन्त्रण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा नें मानसून से पहले तमाम नाले साफ़ करने का दावा करते हुए कहा था इस बार बरसात में दिल्ली नहीं डूबेगी | और यह भी कहा था यदि कहीं जलभराव हुआ तो समबन्धित अधिकारीयों के खिलाफ कड़े कदम उठाये जायेगें | लेकिन अभी तो राजधानी दिल्ली में मानसून आया भी नही है और मानसून पूर्व बरसात में ही दिल्ली डूबती नजर आ रही है | ऐसे में रेखा गुप्ता तथा प्रवेश वर्मा के दावे बरसात के पानी के साथ दिल्ली वालों नें बहते देखे |

भीष्म शर्मा कहते हैं कहने और करने में जमीन आसमान का फर्क होता है | कांग्रेस सरकार के दौरान मानसून से कई महीने पहले नालों की सफाई का काम शुरू होता था और खुद मुख्यमंत्री और मंत्री उस काम की निगरानी करते थे और उसका कोई प्रचार भी नहीं करते थे लेकिन आप पार्टी की सरकार की तरह भाजपा सरकार भी केवल फोटो शूट कर मीडिया पर डाल देती है जो हवाबाजी के अलावा कुछ भी नहीं है |

भीष्म शर्मा कहते हैं दो दिन पूर्व दिल्ली और एनसीआर पर मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि हर ओर अफरा-तफरी मच गई. आसमान से गड़गड़ाहट के साथ पानी बरस पड़ा और ज़मीन पर तेज़ तूफानी हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया. दिल्लीवालों को जिस राहत की आस थी, वो बारिश राहत कम और आफत ज्यादा बनकर आई. भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था और वो चेतावनी सही साबित हुई | लेकिन दिल्ली सरकार के दावे तार-तार होते दिखे और एक दो नहीं सैकड़ों जगह जलभराव देखने को मिला | तेज़ बारिश से राजधानी के कई इलाकों में हालात बिगड़ गए. दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज, आईटीओ, मिंटो ब्रिज, कनॉट प्लेस और हुमायूं रोड जैसे स्थान जलमग्न हो गए. मिंटो ब्रिज के नीचे तो पानी में आधी डूबी कार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. कई जगहों पर ट्रैफिक घंटों तक जाम रहा, जिससे ऑफिस और हवाई यात्रा करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा |

भीष्म शर्मा कहते हैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने चंद दिन पहले ही नई दिल्ली इलाके के मिंटो ब्रिज के नीचे सरकारी अमले के साथ फोटो खिंचवाते हुए यह ऐलान किया था कि इस बार मानसून के दौरान इस ब्रिज के नीचे जल भराव की कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सभी उपाय कर लिए गए हैं। यहां पर पानी निकालने के लिए स्वचालित पंप लगाए गए हैं,जो एक स्तर तक पानी भर जाने पर उसे निकालने का काम करने लगेंगे। मगर हाल ही में दिल्ली में आई बेमौसम की बारिश में मुख्यमंत्री और उनके लोक निर्माण मंत्री दोनों के तमाम दावे भी पानी के साथ बह गए। मिंटो ब्रिज के नीचे जल भराव के कारण कई गाड़ियां फंस गई। जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद लेनी पड़ी।

लोक निर्माण विभाग के मुताबिक दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से चार सौ से ज्यादा से स्थानों की सूची दी गई है। जहां मानसून के दौरान जल भराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इनमें से 335 स्थान लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आते हैं। दिल्ली में जब से रेखा गुप्ता की सरकार बनी है तब से वह केवल घोषणाएं कर रही। मगर जमीनी स्तर पर उनका कोई असर दिखाई नहीं दिया है। मिंटो ब्रिज की घटना उसका जीवंत उदाहरण है |

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