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व्यवसाय विस्तार, जोखिम प्रबंधन, सरकारी नीतियों एवं तकनीकी पारदर्शिता पर विशेषज्ञों ने रखा पक्ष

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व्यवसाय विस्तार
व्यवसाय विस्तार, जोखिम प्रबंधन, सरकारी नीतियों एवं तकनीकी पारदर्शिता पर विशेषज्ञों ने रखा पक्ष

व्यवसाय विस्तार, जोखिम प्रबंधन, सरकारी नीतियों एवं तकनीकी पारदर्शिता पर विशेषज्ञों ने रखा पक्ष

नई दिल्ली (सी.पी.एन.न्यूज़ ) : देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ओखला औद्योगिक क्षेत्र में एक भव्य व्यावसायिक विकास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में तथा सीए अमित बटला के सहयोग से किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में उद्यमियों, उद्योगपतियों एवं युवा व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में अमित शर्मा आई.आर.एस. उपस्थित रहे, जो वर्तमान में नेशनल फर्टिलाइज़र लिमिटेड में मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं तथा पूर्व में नगर निगम दिल्ली में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव एवं नीति-निर्माण की गहरी समझ ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य एम एस एम ई उद्यमियों को वर्तमान आर्थिक परिवेश में व्यवसाय को आगे बढ़ाने की रणनीतियाँ, बाज़ार में आ रही चुनौतियाँ, वित्तीय एवं परिचालन जोखिमों से निपटने के उपाय तथा सरकारी नीतियों और योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विभूति शर्मा एवं राहुल अरोड़ा ने व्यवसायिक विस्तार पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते समय में उद्यमियों को नवाचार, योजनाबद्ध जोखिम तथा दीर्घकालिक सोच* के साथ निर्णय लेने होंगे। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद सही रणनीति अपनाकर व्यवसाय को स्थिरता एवं वृद्धि की दिशा में ले जाया जा सकता है। संबोधन में अमित शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि *डिजिटल तकनीक, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी प्रणालियों के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। इसका सीधा लाभ व्यापारियों को मिल रहा है, क्योंकि अब वे प्रशासनिक बाधाओं से मुक्त होकर अपने व्यवसाय के विस्तार, गुणवत्ता सुधार एवं नई तकनीक अपनाने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

कार्यक्रम के आयोजक प्रवीण शर्मा जीने MSME की आर्थिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की कुल GDP में MSME का लगभग 30 प्रतिशत योगदान है। भारत में करीब **7 करोड़ MSME इकाइयाँ सक्रिय हैं, जो लगभग35 करोड़ लोगों को रोजगारउपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर न केवल रोजगार सृजन में बल्कि ग्रामीण एवं शहरी अर्थव्यवस्था को संतुलित रखनेमें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सरकार से MSME सेक्टर के लिए अधिक वित्तीय सहयोग, सरल ऋण प्रक्रिया, तकनीकी सहायता एवं नीतिगत स्थिरता की अपील की। इस अवसर पर ऋषि जैन ने भी उद्यमियों को संबोधित करते हुए व्यवसाय वृद्धि के व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने बाज़ार की माँग को समझने, लागत नियंत्रण, टीम निर्माण तथा दीर्घकालिक योजना पर विशेष जोर दिया और कहा कि निरंतर सीखना ही सफल उद्यमी की पहचान है।

कार्यक्रम में ओखला क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं युवा उद्योगपतियों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। प्रमुख रूप से उपस्थित उद्योगपतियों में शिव शंकर शर्मा, पवन जी, सागर जी, भुवनेश चौहान , जगदीश जी, श्री गुप्ता जी, राम उजागर , भंडारी जी, ललित भगत , चिब्बर जी एवं चन्ना जी शामिल रहे। सभी ने ऐसे मंच को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजनों की सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर चुग जी ने विशेष अतिथि अमित शर्मा , उपस्थित पत्रकार बंधुओं एवं सभी उद्योगपतियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी अत्यंतज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रही है। साथ ही उन्होंने प्रवीण शर्मा से अनुरोध किया कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन करते रहें**, ताकि उद्यमियों को सही मार्गदर्शन मिलता रहे और उद्योग जगत को निरंतर लाभ हो।

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