Assam Flood 2025: पूर्वोत्तर में बाढ़ और बारिश से तबाही: अब तक 50 की मौत, 1500 गांव जलमग्न
पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों में लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रशासनिक प्रयासों और राहत अभियानों के बावजूद मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक 50 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल और लाखों बेघर हो चुके हैं।
असम सबसे ज्यादा प्रभावित, 19 की मौत
असम में स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 21 जिलों में बाढ़ और बारिश से 6.79 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। 1,494 गांव जलमग्न हो चुके हैं और 14,977 हेक्टेयर से अधिक फसल भूमि पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। अकेले श्रीभूमि जिले में 2.59 लाख लोग प्रभावित हैं, वहीं हैलाकांडी में 1.72 लाख और नगांव में 1.02 लाख लोग मुश्किलों से जूझ रहे हैं। राहत के लिए 190 शिविर लगाए गए हैं, जहां 39,746 विस्थापितों को शरण दी गई है।
असम में बारिश का रेड अलर्ट
गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि असम में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, ग्वालपारा और कोकराझार जिलों में तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है। ब्रह्मपुत्र, बराक, कोपिली, बुरहिडीहिंग, रुकनी, कटखल, कुशियारा और धलेश्वरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे और अधिक बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।
अरुणाचल प्रदेश में पुल बहा, गांवों का संपर्क टूटा
अरुणाचल प्रदेश के डिबांग वैली जिले में हालात बेहद गंभीर हैं। भारी बारिश की वजह से उफनती नदी ने एक प्रमुख पुल को बहा दिया है, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। प्रशासन अब ड्रोन और एयरड्रॉप के जरिए ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है। सड़कों के अवरुद्ध हो जाने के कारण ज़मीनी संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
बाकी राज्यों में भी हालात भयावह
पूर्वोत्तर राज्यों में अब तक मौतों की स्थिति इस प्रकार है — असम में 19, अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2, और मणिपुर व नागालैंड में एक-एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। बाढ़ और भूस्खलन से सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं और हजारों लोग तंबुओं में रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर काम में जुटी
सभी प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों और नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें हालात पर नजर बनाए हुए हैं।



