Amarnath Yatra 2025: पहलगाम हमले के बावजूद अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए पूरी तरह तैयार: सीएम उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बावजूद राज्य सरकार अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने गुलमर्ग में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरक्षा चुनौतियों, तैयारियों और घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने को लेकर गंभीर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेगी और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बैठक के दौरान उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, मोबाइल नेटवर्क, कैपेक्स कार्यों और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का गहन समीक्षा किया। उन्होंने साफ कहा कि यह अमरनाथ यात्रा लॉ एंड ऑर्डर की दृष्टि से विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होगी, लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उमर अब्दुल्ला ने बैठक में एक उर्दू शेर पढ़ते हुए उम्मीद और हौसले का संदेश दिया — “दिल ना-उम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है; लंबी है ग़म की शाम, मगर शाम ही तो है।” उन्होंने कहा कि घाटी ने पिछले 40 वर्षों में कई मुश्किल दौर देखे हैं, लेकिन हर बार यहां के लोगों ने अपनी ताकत से मुश्किलों को मात दी है।
उन्होंने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले को बीते वर्षों की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बताया और कहा कि यह हमारी तैयारी को और मजबूत करने का अवसर है, हार मानने का नहीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटक स्थलों पर बैक-टू-बैक प्रशासनिक बैठकें करके यह संदेश देना चाहा है कि घाटी फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही है।
सीएम उमर ने यह भी बताया कि इस बार जम्मू और श्रीनगर के सचिवालयों के बाहर भी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें हो रही हैं, जो एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने हाल ही में नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू-कश्मीर को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की बैठकों और सम्मेलनों के लिए गर्मियों के सुरक्षित स्थल के रूप में चुनने का अनुरोध भी किया।
उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद कई संसदीय समितियों की जो बैठकें रद्द की गई थीं, उन्हें दोबारा बहाल करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने इस दिशा में सहयोग का आश्वासन भी दिया है।
गुलमर्ग में बैठक के बाद उमर अब्दुल्ला ने स्थानीय व्यापारिक संगठनों और पर्यटकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय लोगों के हौसले को बढ़ाती हैं और पर्यटकों में सुरक्षा और भरोसे का संदेश देती हैं।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक कंट्रोल, मेडिकल सुविधा, संचार नेटवर्क और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमरनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दर्शन के लिए आकर्षित करती है और यह यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी जम्मू-कश्मीर के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि 2025 की यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हो।



