प्रदूषण से नहीं मिल पा रही दिल्ली की जनता को राहत : अजय अरोड़ा
घरों से निकलना हुआ मुश्किल लोगो का मुश्किल
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : ट्रिपल इंजन की सरकार के राज में दिल्ली की जनता ना तो मानसून में जलभराव से राहत मिली और ना ही इस मौसम में प्रदूषण से | यह कहना है दिल्ली स्टेट ट्रेडर कांग्रेस के चेयरमैन वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय अरोड़ा का | अजय अरोड़ा कहते है प्रदूष्ण के चलते दिल्ली के 82 फीसदी घरो में लोग प्रभावित हैं | लेकिन ट्रिपल इंजन सरकार प्रदूष्ण से निपटने के रोजाना झूठे दावे करती है | अजय अरोड़ा कहते है आम आदमी पार्टी की सरकार नें अपने कार्यकाल में प्रदूष्ण को रोकने की कोई ठोस योजना नहीं बनाई उसी तरह अब ट्रिपल इंजन की सरकार भी असहाय नजर आती है |
अजय अरोड़ा कहते हैं गैस चैंबर बने दिल्ली-एनसीआर में पॉल्यूशन की वजह से बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है तो वही जो लोग घर से निकल कर अपने कार्यालय या जरूरी कामों के लिए बाहर जा रहे हैं उन्हें स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री के द्वारा दिल्ली में बढ़ते पॉल्यूशन को लेकर माफी भी मांगी गई है और लगातार कोर्ट के द्वारा दिल्ली में बढ़ते पॉल्यूशन को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार भी लगाई है | लेकिन केवल माफ़ी मांगने से काम नहीं चलने वाला सरकार को इस ओर बयानबाजी छोड़ कर ठोस उपाय तलाशने होंगे |

अजय अरोड़ा कहते हैं सड़कों पर अच्छी तरह से वाटर स्प्रिंकल नहीं किया जा रहा. कभी-कभी ही सड़कों पर वाटर स्प्रिंकल करते हुए गाड़ियां दिखाई देती है. दिल्ली सरकार के द्वारा ग्रैप 4 तो लागू कर दिया गया है लेकिन उसकी पाबंदियां धरातल पर दिखाई नहीं दे रही. अवैध कंस्ट्रक्शन का कार्य लगातार हो रहा है जबकि दिल्ली में कंस्ट्रक्शन कार्य पर रोक लगा दिया गया है | सडकों पर गड्ढों की भरमार है जो धूल को उड़ने से रोकने के कोई इंजम नहीं किये गए | विकास पर लगाये गए सड़क पर अच्छी तरह से वाटर स्प्रिंकल नहीं किया जा रहा. कभी-कभी ही सड़कों पर वाटर स्प्रिंकल करते हुए नगर निगम की गाड़ियां दिखाई देती है. दिल्ली सरकार के द्वारा ग्रैप 4 तो लागू कर दिया गया है लेकिन उसकी पाबंदियां धरातल पर दिखाई नहीं दे रही. अवैध कंस्ट्रक्शन का कार्य लगातार हो रहा है जबकि दिल्ली में कंस्ट्रक्शन कार्य पर रोक लगा दिया गया है |
आई.टी.ओं.चौराहे के पास लगाये गए वाटर स्प्रिंकल कुछ दिन तो चलते दिखे लेकिन अब अक्सर बंद ही दिखते हैं | अजय अरोड़ा कहते हैं हवा की क्वालिटी के लिहाज से अगर आज हम दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों की बात करें तो, बुधवार सुबह दिल्ली का बवाना इलाके की हालत सबसे खराब रही। जहां ऐक्युआइ 378 दर्ज किया गया। इसके अलावा वजीरपुर (360), विवेक विहार (354), सोनिया विहार (345), सिरिफोर्ट (356), रोहिणी (364), पूसा (365), मुंडका (370), अशोक विहार (350) में भी हवा की क्वालिटी बेहद खराब स्थिति है। अजय अरोड़ा कहते हैं ट्रिपल इंजन सरकार बयानबाजी तो करती है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं करती |



