Delhi Jal Board : वास्तविक जल आवश्यकता के आधार पर लगाया जाएगा शुल्क
दिल्ली सरकार का जनहित में निर्णय : विनोद जायस
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने पानी और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली में अब शुल्क केवल वास्तविक जल आवश्यकता के आधार पर लगाया जाएगा जबकि पहले पूरे प्रिमायसेस के हिसाब से चार्ज लिया जाता था। इसे लेकर दिल्ली जल बोर्ड ने एक संशोधित और सरल इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज पॉलिसी को मंजूरी भी दे दी है। दिल्ली सरकार की इस नई पॉलिसी पर बात करते हुए भाजपा उत्तरी पूर्वी जिला उपाध्यक्ष विनोद जायस ने कहा कि दिल्ली सरकार की इस नई पॉलिसी का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में रिहायशी, संस्थागत और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए पानी और सीवर से जुड़े चार्ज को कम करना है। विनोद जायस ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह कदम बहुत शानदार है और इससे दिल्ली की जनता को बहुत लाभ मिलेगा।
विनोद जायस ने बताया कि इस नई पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि पानी और सीवर कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज की गणना अब पानी की मांग के आधार पर की जाएगी। यह चार्ज सिर्फ नई डेवलपमेंट या प्रॉपर्टीज के अंदर होने वाले अतिरिक्त निर्माण पर ही लागू होगा। विनोद जायस ने आगे बताया कि नॉन एफएआर और खुले क्षेत्र को चार्जेस में शामिल नहीं किया जाएगा। ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों में आईएफसी चार्जेस पर 50 फीसदी और जी व एच श्रेणी की कॉलोनियों में 70 फीसदी छूट दी जाएगी। विनोद जायस ने बताया कि यह शुल्क केवल 200 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड क्षेत्र वाली संपत्तियों पर लागू होगा व इसके साथ ही अनधिकृत कॉलोनियों में पंजीकृत वास्तुकार द्वारा अनुमोदित नक्शों को मान्यता दी जाएगी ताकि लोगों को सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया का लाभ मिल सके। विनोद जायस ने कहा कि दिल्ली सरकार हर दिन एक ऐसा फैसला ले रही है जिससे दिल्ली की जनता की भलाई हो।



