Delhi Pollution: प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार के काम हवा-हवाई, अजय अरोड़ा ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से निगरानी बढ़ाने और सख्त कदम उठाने के दावों के बीच दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस के चेयरमैन अजय अरोड़ा ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार की योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित हैं और उनका जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाई नहीं देता। उनके मुताबिक, राजधानी के लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
अजय अरोड़ा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए योजनाओं का ऐलान तो करती है, लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी प्रदूषण रोकने के लिए कई घोषणाएं और दावे किए गए थे, लेकिन वायु प्रदूषण की समस्या पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ने पर सरकार के सामने इसे कम करने की चुनौती खड़ी हो जाती है, जबकि इसके समाधान के लिए पहले से तैयारी और स्पष्ट रणनीति होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार केवल बयान देने और योजनाएं घोषित करने तक सीमित है। अरोड़ा के अनुसार, प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए निरंतर निगरानी, प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए घोषित उपायों का वास्तविक लाभ दिल्ली के नागरिकों तक पहुंचे।
अजय अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यमुना नदी की सफाई, महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने और महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा जैसी घोषणाओं पर अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे को भी सरकार के कामकाज से जोड़ते हुए कहा कि राजधानी में स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के पास प्रदूषण कम करने के लिए स्पष्ट सोच और प्रभावी योजनाओं का अभाव है। अरोड़ा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जवाबदेही जरूरी है। उनके मुताबिक, सरकार को प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ऐसी रणनीति लागू करनी चाहिए, जिससे दिल्लीवासियों को वास्तविक राहत मिल सके।



