Delhi Roads: नई योजना से पहले जमीनी समस्याओं का समाधान करे सरकार : हाजी जरीफ
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): दिल्ली में बार-बार सड़कों की खुदाई रोकने के लिए मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (एमयूडी) सिस्टम विकसित करने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कबीर नगर के निगम पार्षद हाजी जरीफ ने कहा कि सरकार को नई-नई योजनाओं की घोषणा करने के साथ-साथ राजधानी की मौजूदा समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अनेक कॉलोनियों में सड़कें टूटी पड़ी हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं और जलभराव तथा जल निकासी की समस्या से लोग परेशान हैं। ऐसे में सरकार को पहले उन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। हाजी जरीफ ने कहा कि सड़कें बनने के कुछ ही समय बाद अलग-अलग विभागों द्वारा बिजली, पानी, सीवर, गैस और अन्य कार्यों के नाम पर उन्हें दोबारा खोद दिया जाता है। इससे सड़कें खराब होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है और आम जनता को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि एमयूडी सिस्टम की योजना तभी सफल मानी जाएगी, जब सभी संबंधित विभागों के बीच वास्तविक समन्वय स्थापित हो और बार-बार सड़क खोदने की व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस परियोजना की लागत, निर्माण की समय-सीमा और इसके रखरखाव की स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और राहगीरों को अनावश्यक परेशानी न हो। हाजी जरीफ ने कहा कि दिल्ली को आधुनिक और बेहतर आधारभूत सुविधाओं की जरूरत है, लेकिन सरकार को घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि नई परियोजनाओं के साथ पुरानी सड़कों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था, गलियों की स्थिति और स्थानीय नागरिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम करती है, तभी दिल्लीवासियों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।



