Delhi Double Murder: दिल्ली डबल मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा, सवा दो घंटे तक बुजुर्ग दंपती के फ्लैट में रहा हत्यारा
पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके में हुए बुजुर्ग दंपती की निर्मम हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस को एक अहम सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी है। फुटेज से साफ पता चला है कि हत्यारा वारदात के दिन करीब सवा दो घंटे तक बुजुर्ग दंपती के फ्लैट के अंदर मौजूद रहा। यह खुलासा कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और पुलिस की आशंका को और मजबूत कर रहा है कि इस दोहरे हत्याकांड को किसी करीबी ने ही अंजाम दिया हो सकता है।
मृतकों की पहचान सेवानिवृत्त शिक्षक वीरेंद्र बंसल और उनकी पत्नी के रूप में हुई है, जो रामनगर इलाके में अपने फ्लैट में रहते थे। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे एक संदिग्ध व्यक्ति चेहरे पर मास्क लगाए फ्लैट में दाखिल होता दिखाई देता है। इसके बाद वह रात करीब सवा आठ बजे बाहर निकलता है। जब वह फ्लैट से बाहर आता है, तब उसके हाथों में नीले रंग के दस्ताने नजर आते हैं, जिससे साफ है कि उसने अपनी पहचान और सबूत छिपाने की पूरी कोशिश की थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से ठीक पहले शाम करीब साढ़े सात बजे वीरेंद्र बंसल ने अपने एक करीबी रिश्तेदार से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी। फोन कॉल ज्यादा लंबी नहीं थी और उसमें उन्होंने सिर्फ हालचाल पूछा था। पुलिस का मानना है कि इस कॉल के कुछ ही मिनटों बाद दंपती की हत्या कर दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने अनुमान लगाया है कि वारदात शाम 7:40 बजे से 8:15 बजे के बीच हुई होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है जिससे यह मामला लूटपाट का लगे। घर से कीमती सामान सुरक्षित मिला है, जिससे साफ है कि हत्या का मकसद कुछ और था। संपत्ति विवाद, पारिवारिक रंजिश और जान-पहचान के लोगों की भूमिका जैसे सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस उस शख्स की तलाश में जुटी है, जो मास्क लगाकर फ्लैट में गया था और लंबे समय तक अंदर रुका रहा।
मृतक दंपती की बेटी एकता ने बताया कि उनके माता-पिता ने नए साल के पहले दिन फोन कर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। फोन पर काफी देर तक बातचीत हुई थी और दोनों पूरी तरह सामान्य लग रहे थे। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। पड़ोसियों ने भी बताया कि बुजुर्ग दंपती बीमार रहने के कारण ज्यादा बाहर नहीं निकलते थे और शांत, मिलनसार स्वभाव के थे। उनका बेटा ही अक्सर घर का सारा कामकाज संभालता था।
इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहदरा जिले में सैकड़ों बुजुर्ग पुलिस की वरिष्ठ नागरिक सूची में पंजीकृत हैं, जिनसे बीट अधिकारियों को नियमित संपर्क करना होता है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल औपचारिकता निभाती है और नियमित निगरानी नहीं होती। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और रिश्तेदारों व परिचितों से पूछताछ के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठ सकता है।



