बांग्लादेश के पंचगढ़ में रविवार को नाव पलटने से अब तक 60 की मौत हो गई। रविवार को मरने वालों की संख्या 26 थी, जो कि अब बढ़ गई है। डेली स्टार ने अतिरिक्त उपायुक्त के हवाले से बताया कि दीपांकर रॉय ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है। मरने वाले लोगों में 25 महिलाएं और 13 बच्चे भी शामिल हैं। नाव में सवार होकर ये सभी लोग महालया मनाने के लिए बोदेश्वरी मंदिर जा रहे थे। रविवार दोपहर को मारिया यूनियन के औलिया घाट से नाव पलटने की सूचना मिली थी। पंचगढ़ के उपायुक्त जहीरुल इस्लाम ने इस घटना की पुष्टि की थी।बताया गया कि नाव पलटने के बाद गोताखोरों का एक दल बचाव और शवों की तलाश के लिए नदी में छानबीन करने में जुट गया था। इस बचाव अभियान देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग नदी के किनारे जुट गए थे।सुरक्षा मानकों में ढील और ओवरलोडिंग के कारण बांग्लादेश में नाव की दुर्घटनाएं अब आम हो चली हैं। पिछले साल दिसंबर में एक यात्री नौका के एक मालवाहक जहाज से टकराने और डूबने से लगभग 37 लोग डूब गए थे। वहीं, पिछले सास नवंबर में देश के दक्षिण में भोला द्वीप के पास एक अतिभारित ट्रिपल डेकर नौका के पलट जाने से कम से कम 85 लोग डूब गए थे। एक हफ्ते बाद एक और नाव डूब गई जिसमें 46 लोगों की मौत हो गई थी। इस साल अब तक बांग्लादेश में कई छोटी नाव दुर्घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि नाव में 150 से अधिक यात्री सवार थे। कुछ लोग तैरकर नदी के किनारे वापस चले गए, लेकिन कई अभी भी लापता हैं। ‘ढाका ट्रिब्यून अखबार’ ने जांच निकाय प्रमुख रॉय के हवाले से कहा, ‘शुरुआती जांच के मुताबिक, नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।’ अखबार के मुताबिक, ‘हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नाव के डूबने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन इसका खुलासा समिति द्वारा अपनी जांच पूरी करने के बाद किया जाएगा।’



