ठंड के चलते बेघरों की मौत चिंता का विषय : परमानन्द शर्मा
क्या कर रही है ट्रिपल इंजन की सरकार
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड से बेघर लोगो की मौत की खबर बेहद शर्मनाक और चिंता का विषय है | यह कहना है रामनगर वार्ड से कांग्रेस के पूर्व निगम प्रत्याशी परमानन्द शर्मा का | परमानन्द का कहना है जो आंकड़े आ रहे है बड़े भयानक और दुखदायी है इस बात ट्रिपल इंजन सरकार को सोचना चाहिए और पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए की अब और कोई इस तरह से नहीं मरे |
परमानन्द शर्मा कहते हैं नई दिल्ली। राजधानी में जारी कड़ाके की ठंड बेघर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीते 15 दिनों के भीतर ठंड के चलते 4 0 के करीब बेघरों की मौत दर्ज की गई है। मृतकों में सभी पुरुष शामिल हैं, जो प्रवासी श्रमिक और बेघर हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 17 मौतें उत्तरी जिले में हुई हैं, जबकि मध्य जिले में सात बेघरों ने दम तोड़ा है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी ठंड से मौत की खबर सामने आई हैं, जिसने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ।

परमानन्द शर्मा कहते हैं दिल्ली में बढ़ती ठंड के साथ ही बेघरों की आफत भी आ गई है। पिछले दो दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पांच लावारिस लाश बरामद हुईं हैं, ये लाशें बेघरों की हैं, जिसके चलते उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शुरुआती जांच के बाद उनकी मौत का कारण ठंड को माना जा रहा है। क्योंकि किसी के भी शरीर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। फिलहाल इन सभी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ होगी।
फिलहाल माना जा रहा है कि ये सभी बेघर हैं और सड़क पर ही गुजर बसर करते थे। परमानन्द शर्मा कहते हैं फ्लाईओवरों के नीचे, फुटपाथों पर और सड़कों के किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बेघर लोग भीषण सर्दी में सबसे अधिक प्रभावित हैं। ठंड से बचाव के लिए हीटर, पर्याप्त कपड़े, कंबल और आश्रय न मिलने के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। कई मामलों में बीमार और बुजुर्ग बेघर समय पर इलाज और गर्म स्थान न मिलने से दम तोड़ रहे हैं।



