कोर्ट के फैसले से खुली ईडी और भाजपा की पोल : अरुण तोमर
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के राउज एवेन्यू कोर्ट से दो केस में बरी होने पर आप पार्टी वर्करों में ख़ुशी है पार्टी से जुड़े तमाम छोटे बड़े नेता अपनी ख़ुशी का ईजहार सोशल मीडिया पर व्यक्त कर रहे है | आप पार्टी के नेता लिख रहे है सत्यमेव जयते। राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आने के बाद आम आदमी पार्टी के तमाम नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों को हथियार की तरह इस्तेमाल करने पर भाजपा पर भी तीखा हमला बोला है ।
आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व सन्गठन मंत्री अरुण तोमर कहते हैं “सच को जितना चाहे मर्जी दबाने की कोशिश कर लो, लेकिन एक दिन सामने आ ही जाता है। सत्यमेव जयते। अरुण तोमर कहते हैं भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। न्यायालय के निर्णय से यह बात पूरी तरह से साबित हो गई है भाजपा सरकार के ईशारे पर ईडी तथा अन्य जांच एजेंसियां अरविन्द केजरीवाल तथा अन्य नेताओं के पीछे पड़ी थी लेकिन अब एक-एक कर सभी मामलों में आप नेताओं को क्लीन चिट मिलनी तय है |
अरुण तोमर कहते हैं अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पहले दिन से ही कहते थे उनकी पार्टी के नेता कट्टर ईमानदार है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है | अरुण तोमर कहते हैं दिल्ली की एक कोर्ट ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल को राहत दी है . कोर्ट ने (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दायर दो केस में बरी कर दिया. ये केस एक्साइज पॉलिसी केस में एजेंसी के समन को नज़रअंदाज़ करने के लिए दायर किए गए थे | ईडी ने आरोप लगाया था कि अरविन्द केजरीवाल और अमानतुल्लाह खान ने जांच में शामिल होने के लिए बार-बार भेजे गए समन को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया. राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेटपारस दलाल ने आप नेता को राहत देते हुए यह आदेश दिया. एजेंसी ने फरवरी 2024 में केजरीवाल के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के सेक्शन 50 के तहत एजेंसी द्वारा जारी समन का पालन न करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था |
अरुण तोमर कहते हैं केजरीवाल नें समन नोटिस को ‘गैर-कानूनी’ बताया था. केजरीवाल को ईडी और सीबीआई ने 21 मार्च और 26 जून, 2024 को मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किया था. इन मामलों में 2020 की शराब एक्साइज पॉलिसी स्कीम शामिल थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है | कोर्ट के निर्णय से साबित हो गया है अरविन्द केजरीवाल को जबरन फंसाया गया था |
अरुण तोमर कहते हैं यह केस 20 जुलाई, 2022 को लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना की शिकायत पर दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने 22 अगस्त, 2022 को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से एक केस दर्ज किया। दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बाद में मुख्य केस में गिरफ्तार किया गया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी । अरुण तोमर कहते हैं ईडी और भाजपा की मिलीभगत की पोल इस निर्णय नें खोल कर रख दी है |



