गुरचरण सिंह राजू को अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस नें दिखाया बाहर का रास्ता
राजू नें देवेंद्र यादव की कार्यप्रणाली पर जताई आपत्ति
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशानात्मक कमेटी नें कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरचरण सिंह राजू को कांग्रेस पार्टी से निष्काषित कर दिया है | कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन डा0 नरेन्द्र नाथ ने कहा पार्टी सर्वोपरि है, पार्टी से बड़ा कोई नही, पार्टी से उपर कोई नही, हम सभी पार्टी के सिपाही है और पार्टी के नीति नियम और आदर्शों को पालन करना हमारा कर्तव्य है। पार्टी विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नही, देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी की परम्परा है।
डा0 नरेन्द्र नाथ ने संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज और अनुशासनात्मक कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में कहा कि आज अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है कि कृष्णा नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरचरण सिंह राजू को जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के सभी पदों से 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया जाता है। यह फैसला कमेटी सदस्य शोयब दानिश, वरयाम कौर, डा0 ओनिका मेहरोत्रा और अश्विनी धवन ने डा0 नरेन्द्र नाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संविधान के तहत पार्टी विरोधी गतिविधियां में शामिल होने के कारण सर्वसम्मति से लिया गया। डा0 नरेन्द्र नाथ ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस स्तर की अनुशासनात्मक कमेटी में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय की सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन तारिक अनवर और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव संगठन को भेज दी गई है। वहीं दूसरी ओर गुरचरण सिंह राजू नें प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर गहरी आपत्ति जताई है। इस संबंध में उन्होंने एक गंभीर शिकायत पत्र पार्टी नेतृत्व को भेजा है |
गुरचरन सिंह राजू ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया है कि 25 जून 2025 को आयोजित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष यादव द्वारा न केवल उन्हें अपमानित किया गया, बल्कि बिना किसी विमर्श अथवा सूचना के उनके ही ज़िले में ब्लॉक अध्यक्षों की मनमानी नियुक्तियाँ की गईं। जब उन्होंने इस पर विरोध दर्ज कराया, तो देवेन्द्र यादव ने दुर्व्यवहार करते हुए धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया और अशोभनीय भाषा में बात की। गुरचरन सिंह राजू ने यह भी कहा कि उनका पार्टी से जुड़ाव 1986 से रहा है और तब से वे पार्टी को ही अपना परिवार मानते आए हैं।


