Congress district president announcement 2026: अप्रैल के लास्ट या मई की शुरुआत में हो सकती है कांग्रेस के नए जिला
अध्यक्षों की घोषणा
ज्यादातर बदले जायेंगें, सामने आ सकते हैं नए चेहरे
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली ,कांग्रेस हाईकमान द्वारा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्ष चयन के लिए शुरू की गई रायशुमारी प्रक्रिया समाप्त हो गई है | तमाम पर्यवेक्षकों नें अपनी रिपोर्ट कंट्रोल रूम को सौंप दी हैं दूसरे शब्दों में इस मकसद से बनाई गई एप को | और वहां से यह डाटा पार्टी हाईकमान द्वारा नियुक्त हाई लेवल कमेटी को सुपुर्द कर दिया गया हैं | आपको बता दे उस कमेटी में पार्टी के संगठन महामंत्री के.सी.वेणुगोपाल ,इस अभियान के संयोजक या यूँ कहिये इंचार्ज, तेलेंगना के वरिष्ठ नेता वाम सी रेड्डी और तमिलनाडु से सांसद तथा पूर्व आई.ए.एस.अधिकारी शशिकांत सेंथिल के साथ-साथ दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी क़ाज़ी निजामुद्दीन शामिल है | मिली जानकारी के मुताबिक यह कमेटी आगामी 28 अप्रैल को इस मुद्दे पर मंथन करेगी और बारी-बारी से जिलावाईज चर्चा होगी ,चर्चा के समय जिला पर्यवेक्षक जिहे ए.आई.सी.सी.नें नामित किया था भी अपना पक्ष रखेगें और रायशुमारी के साथ-साथ उस जिले के जातीय समीकरण भी रखेगें | जहां रायशुमारी को तो तवज्जो दी ही जायेगी लेकिन लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आये वोटो के समीकरण तथा जातीय समीकरणों को भी महत्व दिया जाएगा इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता , और शायद इसीलिए पर्यवेक्षकों नें लोकसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों से भी राय जानी है | लेकिन इतना तय है कि पार्टी दलितों और मुस्लिम के बारें में सॉफ्ट कार्नर रखना चाहेगी | और रखना भी चाहिए, अब तो आप समझ ही गए होंगे पार्टी कम से कम दो दलित और दो ही मुस्लिम को मौका देने से पीछे नहीं हटना चाहेगी क्योंकि इस बुरे समय में ये दोनों वर्ग ही पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं | इसी तरह पार्टी एक जिले की कमान पिछड़े वर्ग के नेता को भी सौंप सकती है | जहां तक हमारी जानकारी है पार्टी ज्यादातर जिलों की कमान नये और ऊर्जावान लोगो को ही देना चाहेगी ताकि संगठन में जान फूंकी जा सके और पार्टी नें जो मिशन संगठन की मजबूती के लिए शुरू किया है उस पर ईमानदारी से अमल हो सके | वर्तमान में जो जिला अध्यक्ष अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और पार्टी के पास वहां विकल्प है तो उनका हटना लगभग तय है | कौन हटेगा कौन बनेगा उस लफड़े की चर्चा हम नहीं करना चाहते लेकिन इतना जरुर बताना चाहेगें इस प्रक्रिया में सभी के हाथ बंधे है लिहाजा किसी की इसमें ज्यादा दखलन्दाजी चलने वाली नहीं | यह जरुर है जातीय समीकरण तथा कुछ जटिल मसलों पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव की राय को भी तव्वजो दे सकती है हमारा तो यह मानना है देवेन्द्र यादव भी किसी कमजोर कड़ी की मदद नहीं करने वाले क्योंकि उन्हें भी दिल्ली सम्भालने के लिए निर्विवाद तथा मजबूत टीम की जरूरत पड़ेगी | कुछ जिलों की चर्चा हम बाद में करेगें आज बस इतना ही …



