Home आमने सामने नालों की सफाई बनी भ्रष्ट अफसरों की कमाई  : दीपक गाबा

नालों की सफाई बनी भ्रष्ट अफसरों की कमाई  : दीपक गाबा

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नालों की सफाई बनी भ्रष्ट अफसरों की कमाई  : दीपक गाबा
नालों की सफाई बनी भ्रष्ट अफसरों की कमाई  : दीपक गाबा

नालों की सफाई बनी भ्रष्ट अफसरों की कमाई  : दीपक गाबा

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़  ) : राजधानी दिल्ली में बरसात से पूर्व होने वाले नालों की सफाई के काम  में दिल्ली सरकार के भ्रष्ट अधिकारीयों की मिलीभगतसे पिछले कई सालों से भारी गोलमाल हो रहा है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के महामंत्री दीपक गाबा का | दीपक गाबा का कहना है यदि इस मामले की जांच करायी जाए तो बड़े घोटाले का पर्दाफास होगा और पी.डब्लू.डी तथा दिल्ली सरकार के बाढ़ नियन्त्रण विभाग के भ्रष्ट अभियंता और अधिकारी नपेगें | दीपक गाबा कहते हैं नालों की सफाई के लिए हर साल करोड़ों रूपये का बजट होता है लेकिन नालों की सफाई नाममात्र को की जाती है

सारा का सारा काम कागजों में भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ जाता है | और हर साल थोड़ी सी बरसात होने पर ही दिल्ली शहर जलमग्न हो जाता है | दीपक गाबा कहते हैं इस काम के लिए सरकार कई माह के लिए बरसात के मौसम में सफाई के लिए लोगो को काम पर रखती है लेकिन इस काम में भारी घोटाला होता है | ज्यादातर आदमी विधायकों या बड़े अधिकारीयों के यहाँ हाजरी भरते हैं और वेतन दिल्ली सरकार से लेते हैं | दीपक गाबा कहते हैं  कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली के प्रति बेरुखी के कारण मानसून से पूर्व राजधानी में नालों से गाद निकालने के काम की शुरुआत तक नही हो सकी है जबकि निगम में सत्तासीन आम आदमी पार्टी की मेयर का बयान कि 15 जून तक डिस्लिटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा यह पूरी तरह से अंधेरे में रखने वाला है, क्योंकि दिल्ली नगर निगम द्वारा डिस्लिटिंग के काम की जमीनी स्तर पर शुरुआत सिर्फ दस्तवेजों मे हुई है। उन्होंने कहा कि एक बहुत बड़ा प्रश्न है कि दिल्ली सरकार का  डिस्लिटिंग के लिए अलॉट बजट भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाता है क्योंकि आज तक किसी भी वर्ष 30-40 प्रतिशत से अधिक डिस्लिटिंग का काम पूरा नही हुआ।

दीपक गाबा  ने कहा कि प्रत्येक वर्ष दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम की मानसून से पहले दिल्ली के करीब 2846 नालों जिनकी लम्बाई 3692 किलोमीटर है, इनकी सफाई की जिम्मेदारी होती है, जबकि 2050 किलोमीटर लम्बाई वाले 1100 नालों की सफाई का प्रबंधन पीडब्लूडी के आधीन है। बाकी दिल्ली नगर निगम सहित डीएसआईडीसी, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आते है। इन नालांं की डिस्लिटिंग का प्रत्येक वर्ष 15 मई तक पूरा करना होता है। परंतु केजरीवाल सरकार ने पिछले 9 वर्षों के शासन में आज तक नालों से गाद निकालने के काम कभी भी पूरा नही किया गया जिसका नतीजा कम बारिश में भी दिल्ली वालों को जल भराव और ट्रेफिक जाम का सामना करना पड़ता है |

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