Changur Baba ISI Link: छांगुर बाबा का ISI कनेक्शन: धर्मांतरण की आड़ में देशविरोधी साजिश का खुलासा, 1000 लव जिहादी युवकों की फौज तैयार
उत्तर प्रदेश एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त जांच में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की देशविरोधी गतिविधियों की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। जो मामला पहले केवल जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद तक सीमित नजर आ रहा था, वह अब सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ गया है। बाबा न सिर्फ भोले-भाले लोगों को धर्म परिवर्तन के जाल में फंसा रहा था, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत देश की सामाजिक एकता को तोड़ने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा ने नेपाल के रास्ते ISI से संपर्क स्थापित किया। जांच में पता चला है कि वह काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में एक गोपनीय बैठक में शामिल हुआ था, जहां भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर योजनाएं बनाई गईं। बाबा का नेटवर्क सीमाओं तक ही सीमित नहीं था, वह पूरे भारत में एक संगठित नेटवर्क चला रहा था जिसमें विशेष रूप से कमजोर हिंदू महिलाओं और मुस्लिम युवाओं को निशाना बनाया जा रहा था।
जांच में यह सामने आया कि छांगुर बाबा आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाता, फिर उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर निकाह करवा देता। इसके बाद उन्हें नेपाल ले जाया जाता, जहां उनका संपर्क ISI के एजेंटों और स्लीपर सेल से कराया जाता था। इन महिलाओं का इस्तेमाल जासूसी और नेटवर्किंग में करने की योजना थी।
इस नेटवर्क की गहराई तब सामने आई जब जांच एजेंसियों को जानकारी मिली कि छांगुर बाबा ने तीन वर्षों में करीब 1,000 मुस्लिम युवकों की एक ऐसी फौज तैयार की, जिन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मिशन पर लगाया गया था। इन्हें अलग-अलग राज्यों—महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल—में कैश पेमेंट देकर भेजा गया। सात नेपाल सीमा से सटे जिलों को इस पूरे अभियान के लिए टारगेट किया गया था।
वित्तीय जांच में एटीएस और ईडी को अब तक 18 संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली है जिनमें करीब 68 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। सिर्फ तीन महीनों में ही 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर हुई। इनमें सबसे अहम भूमिका नीतू वोहरा उर्फ नसरीन की रही, जो छांगुर बाबा की सबसे करीबी सहयोगी थी और खुद भी धर्मांतरण करके नेटवर्क का हिस्सा बनी थी। उसके खातों में चार महीनों में 14 करोड़ रुपये आए और तत्काल निकाले भी गए। उसके पति नवीन वोहरा के खातों में 18 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
इस पूरे ऑपरेशन को वैधता देने के लिए छांगुर बाबा ने चार अलग-अलग संस्थाओं की आड़ ली थी। इन्हीं संस्थाओं के जरिए विदेशों से फंडिंग मंगाई जाती थी और सभी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। ईडी और एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये फंडिंग किन विदेशी संगठनों या व्यक्तियों से आई और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं।
इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं। यह मामला न सिर्फ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि कैसे धर्म के नाम पर समाज में जहरीला एजेंडा फैलाया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।



