Air India Plane Crash: एयर इंडिया हादसे पर सीईओ का बयान: विमान में नहीं थी कोई तकनीकी या रखरखाव से जुड़ी खामी, जांच रिपोर्ट में खुलासा
अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में हाल ही में हुए भयावह एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में कोई तकनीकी खराबी या रखरखाव से संबंधित समस्या नहीं पाई गई। इस रिपोर्ट को साझा करते हुए एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि दुर्घटना का कोई तकनीकी कारण अब तक सामने नहीं आया है।
कैम्पबेल विल्सन ने जानकारी दी कि जिस विमान ने अहमदाबाद से उड़ान भरी थी, उसमें चालक दल के 12 सदस्यों सहित कुल 242 यात्री सवार थे। यह विमान अचानक नियंत्रण से बाहर होकर मेघाणी नगर स्थित एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में विमान में सवार यात्रियों, चालक दल और जमीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 270 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुर्घटना ने पूरे देश को हिला दिया और सवाल उठने लगे कि इतने आधुनिक और नियमित रूप से जांचे गए विमान में आखिर ऐसा क्या हुआ।
एयर इंडिया सीईओ विल्सन ने बताया कि एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उड़ान से पहले सभी निर्धारित तकनीकी जांचें और टेस्ट पायलटों द्वारा पूरी तरह सफलतापूर्वक की गई थीं। साथ ही, विमान के इंजन में भी कोई खामी नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि अटकलों से बचना चाहिए और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
इस दुर्घटना के बाद एयर इंडिया ने एहतियात के तौर पर अपने पूरे बोइंग 787 बेड़े की तत्काल जांच करवाई। इन विमानों की स्थिति सही पाई गई और किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी की पुष्टि नहीं हुई। कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि भविष्य में यदि किसी विशेष विमान की जांच की सिफारिश की जाती है, तो कंपनी उसे भी पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कंपनी किसी भी कोताही को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इसी बीच इंडियन कॉमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि AI-171 फ्लाइट के पायलटों ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरी जिम्मेदारी और प्रशिक्षण के अनुसार कार्य किया। एसोसिएशन ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया अटकलों को सिरे से खारिज किया, जिसमें पायलट के आत्महत्या करने की बात कही गई थी। आईसीपीए ने कहा कि जब तक आधिकारिक रिपोर्ट पूरी तरह सामने नहीं आ जाती, तब तक ऐसी किसी भी अफवाह को फैलाना न केवल गलत है, बल्कि पायलटों की गरिमा और परिवारों की पीड़ा के साथ अन्याय है।
कैम्पबेल विल्सन ने समस्त नागरिकों, मीडिया और हितधारकों से अपील की कि वे संयम बरतें और एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करें, जो विस्तृत जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी। एयर इंडिया अपनी ओर से हर संभव सहयोग दे रही है और इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का वादा किया गया है।



