Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के वजीरपुर में चला बुलडोजर: रेलवे ट्रैक के पास अतिक्रमण पर चला प्रशासन का हथौड़ा, विपक्ष का भाजपा पर हमला तेज
दिल्ली में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर अभियान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार शाम को राजधानी के वजीरपुर इलाके में रेलवे ट्रैक के पास प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध झुग्गियों और निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त ज़ोन बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इससे एक दिन पहले ही, रविवार को दिल्ली के जंगपुरा इलाके के मद्रासी कैंप में बड़ा बुलडोजर अभियान चला था, जिसमें 300 से अधिक झुग्गियों को गिरा दिया गया था। बताया गया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू की गई थी और इसे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें पीडब्ल्यूडी, डीडीए, एमसीडी, बिजली विभाग और दिल्ली पुलिस जैसे विभागों की टीमें शामिल थीं।
वजीरपुर की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति को गरमा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन कार्रवाइयों को ‘जनविरोधी’ और ‘विश्वासघात’ करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला है। AAP नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि चुनावों से पहले झुग्गी बस्तियों में जाकर वादे करने वाले नेता अब उन्हीं बस्तियों को बुलडोजर से मिटा रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और AAP की वरिष्ठ नेता आतिशी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “चुनाव से पहले भाजपा नेता मद्रासी कैंप पहुंचे थे और लोगों से ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ के फॉर्म भरवाए थे। आज वही भाजपा सरकार उन्हीं झुग्गियों पर बुलडोजर चला रही है।” उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
वहीं AAP दिल्ली के अध्यक्ष और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “कल ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि किसी भी झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा। आज मद्रासी कैंप को ध्वस्त कर हजारों लोगों को बेघर कर दिया गया। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।”
इस बीच एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनता को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले का बताया जा रहा है। इसमें केजरीवाल कहते हैं कि यदि दिल्ली में भाजपा की सरकार बन गई, तो वह छह महीने के भीतर सभी झुग्गियां तोड़ देगी।
राजनीतिक बयानबाजी और जमीनी स्तर पर हो रही तोड़फोड़ के बीच आम लोग सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बेघर हुए लोगों का कहना है कि उन्हें न तो कोई नोटिस मिला, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था। जिनके पास सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची, वे अब राहत की उम्मीद में प्रशासन और सरकार की तरफ देख रहे हैं।
बुलडोजर अभियान के नाम पर दिल्ली में चल रही यह कार्रवाई सत्ताधारी और विपक्ष के बीच एक बार फिर सीधा संघर्ष बनती जा रही है। वहीं नागरिक अधिकार संगठनों ने भी इन कार्रवाइयों को मानवता के खिलाफ बताया है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।


