Bihar Violence: बिहार के तीन जिलों में मुहर्रम जुलूस के दौरान हिंसा, फायरिंग और पथराव से दहशत, कई घायल
बिहार में मुहर्रम जुलूस के दौरान तीन जिलों—भागलपुर, कटिहार और अररिया—में हिंसा और तनाव की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। जुलूस के दौरान हुई झड़पों, पथराव और फायरिंग की घटनाओं ने न सिर्फ इलाके को दहशत में डाल दिया, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है, और अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सबसे बड़ी घटना भागलपुर जिले के लोदीपुर थाना क्षेत्र के उस्तु गांव से सामने आई, जहां अखाड़ा घुमाने को लेकर दो समुदायों के बीच जोरदार झड़प हो गई। शुरू में मामूली कहासुनी लगी, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला बोल दिया। करीब आठ लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस हिंसक टकराव के दौरान एक युवक को राइफल से हवा में फायरिंग करते हुए भी देखा गया। हालांकि, स्थानीय डीएसपी ने फायरिंग की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
कटिहार जिले में हालात और भी संवेदनशील हो गए जब नया टोला स्थित महावीर मंदिर के पास मुहर्रम जुलूस के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर की ओर ईंट-पत्थर फेंके। इससे मंदिर परिसर और आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस घटना ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया और इलाके में आक्रोश भड़क गया। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। जिले के डीएम मनीष मीणा और एसपी वैभव शर्मा मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तीसरी घटना अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित दसआना कचहरी फील्ड में हुई, जहां मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच लाठी-डंडों से झड़प हो गई। विवाद ने थोड़ी ही देर में उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। घटना के चलते अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, समय रहते प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
इन सभी घटनाओं के बाद पुलिस ने तीनों जिलों के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी है और इलाके में फ्लैग मार्च तथा निगरानी जारी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और उत्सव के बाद दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



