Punjabi Actress Father Attack: पंजाबी एक्ट्रेस तानिया के पिता पर फायरिंग, मुठभेड़ में तीन आरोपी घायल होकर गिरफ्तार
पंजाब के मोगा जिले में एक सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 4 जुलाई 2025 को कोट ईसे खां क्षेत्र में उस समय घटी जब पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री तानिया के पिता, डॉ. अनिलजीत कंबोज पर दो अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
घटना के तुरंत बाद पंजाब पुलिस की मोगा यूनिट, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और काउंटर इंटेलिजेंस ने संयुक्त रूप से छानबीन शुरू की। जांच में यह खुलासा हुआ कि इस हमले के पीछे कनाडा-आधारित मोस्ट वांटेड गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लांडा का हाथ है, जिसने अपने तीन स्थानीय सहयोगियों के जरिए इस साजिश को अंजाम देने की कोशिश की।
चारों ओर फैले दबाव और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने मोगा में एक ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान तीनों संदिग्धों को घेर लिया गया। मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें तीनों आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान गुरलाल सिंह उर्फ गोला, खुशप्रीत सिंह उर्फ खुश और गुरमंदीप सिंह उर्फ फौजी के रूप में हुई है। तीनों आरोपी तरनतारन जिले से ताल्लुक रखते हैं—गुरलाल और खुशप्रीत पट्टी की गार्डन कॉलोनी से हैं, जबकि गुरमंदीप तलवंडी सोभा सिंह से पकड़ा गया है।
पुलिस ने घायल आरोपियों को तुरंत मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। इनमें दो 30 बोर पिस्टल, एक 32 बोर पिस्टल, कुल 13 जिंदा कारतूस और एक कार शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इसका उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क को मजबूत करने, दहशत फैलाने और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर फिरौती और दबाव की रणनीति को अंजाम देना था। इस कार्रवाई से पुलिस ने यह संदेश भी दिया है कि गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क को पंजाब में पनपने नहीं दिया जाएगा।
वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावरों को फायरिंग के निर्देश कब और किस माध्यम से दिए गए। साथ ही, कनाडा में बैठे लखबीर सिंह लांडा से जुड़े अन्य नेटवर्क की तलाश भी तेज कर दी गई है।



